उत्तराखंड

उत्तराखंड के चमोली में दर्दनाक हादसा: बारातियों से भरी मैक्स गाड़ी खाई में गिरी, 2 की मौत, 3 गंभीर घायल

उत्तराखंड के चमोली में दर्दनाक हादसा: बारातियों से भरी मैक्स गाड़ी खाई में गिरी, 2 की मौत, 3 गंभीर घायल

उत्तराखंड के चमोली जिले में एक बार फिर पहाड़ी सड़कों का खतरनाक चेहरा सामने आया। हेलंग-उर्गम मोटर मार्ग पर बुधवार देर शाम बारातियों से भरी मैक्स गाड़ी (नंबर UK 11 TA 1685) अनियंत्रित होकर गहरी खाई में गिर गई, जिसमें दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हैं, जिन्हें नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हादसे की सूचना मिलते ही इलाके में सनसनी फैल गई, और परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है।

जानकारी के अनुसार, वाहन में करीब 10-12 बाराती सवार थे, जो एक स्थानीय शादी समारोह से लौट रहे थे। हेलंग के पास पहाड़ी घुमावदार रास्ते पर चालक का नियंत्रण खोने से मैक्स लगभग 100 फीट नीचे खाई में पलट गई। चीख-पुकार से आसपास के ग्रामीण भी दौड़े, लेकिन अंधेरे और दुर्गम इलाके के कारण रेस्क्यू में देरी हुई। एसडीआरएफ (राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल), स्थानीय पुलिस और 108 एम्बुलेंस की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं। घायलों को जोशीमठ के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उनकी हालत स्थिर बताई है। मृतकों के शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिए गए हैं।

चमोली के एसपी प्रेमेंद्र सिंह ने बताया, “हादसे का मुख्य कारण तेज रफ्तार और सड़क का तीखा मोड़ लगता है। ड्राइवर को भी चोटें आई हैं, जिनसे पूछताछ की जा रही है।” स्थानीय लोगों का कहना है कि हेलंग-उर्गम मार्ग पहाड़ी इलाके का महत्वपूर्ण रोड है, लेकिन इसकी संकरी सड़कें और बिना रेलिंग के खतरनाक धाराएं लगातार हादसों का कारण बन रही हैं। यह इलाका बद्रीनाथ धाम के रास्ते पर पड़ता है, जहां पर्यटकों और तीर्थयात्रियों की आवाजाही रहती है।

यह हादसा उत्तराखंड में सड़क दुर्घटनाओं की बढ़ती संख्या को उजागर करता है। राज्य में 2025 में अब तक 1,200 से ज्यादा हादसे हो चुके हैं, जिनमें 500 से अधिक मौतें हुई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि पहाड़ी रोड्स पर स्पीड लिमिट, साइन बोर्ड और रेलिंग की कमी बड़ी समस्या है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हादसे पर शोक व्यक्त किया और मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपये की सहायता राशि की घोषणा की। उन्होंने जिलाधिकारी को घायलों के मुफ्त इलाज का निर्देश दिया।

परिवारजन मृतकों को श्रद्धांजलि दे रहे हैं। एक परिजन ने कहा, “बारात का उत्साह था, लेकिन ये क्या विपत्ति आ गई। सरकार को इन सड़कों को सुरक्षित बनाना चाहिए।” एसडीआरएफ ने रेस्क्यू ऑपरेशन में अपनी कुशलता दिखाई, लेकिन स्थानीय लोग मांग कर रहे हैं कि ऐसे मार्गों पर तत्काल सुरक्षा उपाय किए जाएं। क्या यह हादसा पहाड़ी सड़कों की सुरक्षा पर बहस छेड़ेगा? प्रशासन की नजरें अब जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं।

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