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बद्रीनाथ धाम में देर रात से बर्फबारी, चारों ओर बर्फ की सफेद चादर: सर्दी ने किया दस्तक

बद्रीनाथ धाम में देर रात से बर्फबारी, चारों ओर बर्फ की सफेद चादर: सर्दी ने किया दस्तक

उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित भगवान विष्णु के पवित्र धाम बद्रीनाथ में मंगलवार देर रात से शुरू हुई तेज बर्फबारी ने पूरे क्षेत्र को बर्फ की मोटी सफेद चादर में लपेट दिया है। बुधवार सुबह (5 नवंबर 2025) तक चली इस बर्फबारी ने मंदिर परिसर, आसपास की चोटियां और अलकनंदा नदी के किनारे का नजारा किसी स्वर्ग से कम नहीं बना दिया। तापमान शून्य डिग्री से नीचे गिर गया है, जिससे ठिठुरन बढ़ गई, लेकिन श्रद्धालु इस मनमोहक दृश्य को निहारते हुए अंतिम दर्शन के लिए उमड़ पड़े। यह सीजन की पहली प्रमुख बर्फबारी है, जो सर्दी के पूरे जोरदार आगमन का संकेत दे रही है।

बर्फबारी का विवरण: देर रात से जारी, सुबह तक मंदिर सफेद

मंगलवार रात करीब 10 बजे से शुरू हुई हल्की बर्फबारी रात भर तेज होती गई। बुधवार सुबह तक मंदिर के गुंबद, परिसर और आसपास की पहाड़ियां पूरी तरह बर्फ से ढक गईं। चमोली जिले के मौसम विभाग के अनुसार, ऊंचाई वाले क्षेत्रों में 2-3 इंच तक बर्फ जमा हो गई, जबकि नीचे के इलाकों में हल्की फुहारें पड़ीं। तापमान न्यूनतम -2 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क गया, और अधिकतम भी 4-5 डिग्री से ऊपर नहीं उठा। आसपास की नीलकंठ चोटी और अन्य पर्वतों पर बर्फ की परतें चमक रही हैं, जो दूर से देखने पर किसी चित्रकार की कृति जैसी लग रही हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही तस्वीरों में मंदिर का सफेद लिबास साफ दिखाई दे रहा है, जहां श्रद्धालु बर्फबारी के बीच दर्शन कर रहे हैं।

श्रद्धालुओं पर असर: भीड़ बढ़ी, लेकिन सतर्कता बरतें

इस बर्फबारी के बावजूद बद्रीनाथ धाम में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की संख्या में कोई कमी नहीं आई। मंगलवार तक इस सीजन में कुल 15 लाख 90 हजार से अधिक भक्तों ने दर्शन किए हैं, और बर्फबारी के बाद भी सैकड़ों यात्री पहुंच रहे हैं। हालांकि, रास्तों पर फिसलन और ठंड बढ़ने से यात्रा कठिन हो गई है। धर्मशालाओं और होटलों में अलाव जलाकर लोग खुद को गर्म रख रहे हैं। उत्तराखंड सरकार और स्थानीय प्रशासन ने यात्रियों के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं, साथ ही भारी ऊनी कपड़ों, गर्म जूतों और स्वास्थ्य सावधानियों की सलाह दी है। जोशीमठ और अन्य आधार शिविरों पर चेकपोस्ट सतर्क हैं, ताकि कोई जोखिम न हो।

कपाट बंद होने की तैयारी: 25 नवंबर को अलविदा

यह बर्फबारी समय पर आ गई है, क्योंकि बद्रीनाथ धाम के कपाट 25 नवंबर 2025 को दोपहर 2:56 बजे शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे। पारंपरिक पूजा के बाद यह तिथि तय की गई थी। बंद होने के बाद भगवान बद्रीविशाल की विग्रह को जोशीमठ के नरसिंह मंदिर में स्थानांतरित कर दिया जाएगा, जहां विंटर चार धाम यात्रा जारी रहेगी। केदारनाथ (23 अक्टूबर को बंद), यमुनोत्री (23 अक्टूबर) और गंगोत्री (दिवाली के अगले दिन) के बाद बद्रीनाथ का बंद होना चार धाम यात्रा का अंतिम चरण होगा। विशेषज्ञों का कहना है कि इस साल बर्फबारी सामान्य से पहले शुरू हो गई, जो जलवायु परिवर्तन का संकेत हो सकता है।

मौसम पूर्वानुमान और सलाह: अगले कुछ दिनों तक बर्फबारी जारी

मौसम विभाग ने चमोली, रुद्रप्रयाग समेत पर्वतीय जिलों के लिए कोल्ड वेव अलर्ट जारी किया है। अगले 48 घंटों में हल्की से मध्यम बर्फबारी जारी रहने की संभावना है, जिससे तापमान और गिर सकता है। यात्रियों को सलाह है कि वे केवल आवश्यक सामान लेकर चलें, एम्बुलेंस सेवाओं की जानकारी रखें और रास्ते बंद होने पर वैकल्पिक मार्ग अपनाएं। यह बर्फीला नजारा बद्रीनाथ की प्राकृतिक सुंदरता को और निखार रहा है, लेकिन सुरक्षा पहले। यदि आप यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो आधिकारिक ऐप या वेबसाइट से अपडेट चेक करें। बद्रीनाथ की यह सफेद चादर न सिर्फ आध्यात्मिक शांति दे रही है, बल्कि प्रकृति के चमत्कार को भी याद दिला रही है।

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