अन्तर्राष्ट्रीय

चाबहार पोर्ट पर ट्रंप प्रशासन से भारत को 6 माह की छूट

चाबहार पोर्ट पर ट्रंप प्रशासन से भारत को 6 माह की छूट

अमेरिकी प्रतिबंधों से मिली राहत, अफगानिस्तान-मध्य एशिया कनेक्टिविटी बरकरार

ईरान के रणनीतिक चाबहार पोर्ट पर अमेरिकी प्रतिबंधों से भारत को छह माह की छूट मिल गई है। विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रंधीर जायसवाल ने गुरुवार को प्रेस ब्रीफिंग में इसकी पुष्टि की। उन्होंने कहा, “अमेरिका ने चाबहार पोर्ट पर अमेरिकी प्रतिबंधों से भारत को छह माह की छूट दी है। हम व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के लिए अमेरिका के साथ चर्चा जारी रखेंगे।”

यह छूट 29 अक्टूबर से प्रभावी है, जब पुरानी छूट समाप्त हो गई थी। इससे भारत पोर्ट्स ग्लोबल लिमिटेड (IPGL) के जरिए शाहिद बेहेश्ती टर्मिनल का संचालन और विकास जारी रख सकेगा। सितंबर में ट्रंप प्रशासन ने 2018 की छूट रद्द करने की घोषणा की थी, जो 29 सितंबर से लागू होनी थी। बाद में इसे 28 अक्टूबर तक बढ़ाया गया था।

रणनीतिक महत्व:

चाबहार पोर्ट भारत के लिए पाकिस्तान को बायपास कर अफगानिस्तान, उज्बेकिस्तान, कजाकिस्तान जैसे देशों तक पहुंच का द्वार है। यह इंटरनेशनल नॉर्थ-साउथ ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर (INSTC) का हिस्सा है। मई 2024 में भारत ने 10 साल का समझौता किया, जिसमें 370 मिलियन डॉलर निवेश का वादा है। मानवीय सहायता, गेहूं, दवाइयां भेजने में यह अहम रहा।

ट्रंप की ‘मैक्सिमम प्रेशर’ नीति:

अमेरिका ने ईरान को अलग-थलग करने के लिए प्रतिबंध सख्त किए। लेकिन भारत को मानवीय व रणनीतिक आधार पर छूट दी। MEA ने रूस तेल प्रतिबंधों का असर जांचने की बात कही।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता का हिस्सा है। IPGL ने संचालन सामान्य बताया।

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