पाकिस्तान: जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा ने महिलाओं को जिहाद की ट्रेनिंग शुरू की
पाकिस्तान: जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा ने महिलाओं को जिहाद की ट्रेनिंग शुरू की
पाकिस्तान स्थित प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) ने महिलाओं को भर्ती करने के लिए ऑनलाइन जिहादी कोर्स ‘तुफत अल-मुमिनात’ शुरू किया है। मसूद अजहर की बहनें सादिया और समायरा अजहर इसे चला रही हैं। कोर्स में शामिल होने के लिए 500 पाकिस्तानी रुपये (लगभग 156 रुपये) की फीस ली जा रही है। 8 नवंबर से रोज 40 मिनट की लाइव क्लासें होंगी।
JeM ने ‘जमात-उल-मुमिनात’ नामक महिला विंग बनाया है। मसूद अजहर के 21 मिनट के ऑडियो में महिलाओं को ‘दौरा-ए-तस्किया’ और ‘दौरा-आयत-उल-निसा’ (महिलाओं के लिए जिहाद कोर्स) का ऐलान किया। पुलवामा हमलावर उमर फारूक की विधवा अफीरा फारूक भी इसमें शामिल।
लक्ष्य: भारत के खिलाफ वैश्विक जिहाद में महिलाओं की भूमिका बढ़ाना।
लश्कर-ए-तैयबा (LeT) भी सियालकोट में महिलाओं को ब्रेनवॉश कर रही है। हाफिज अब्दुल रऊफ (हाफिज सईद का करीबी) ट्रेनिंग सेंटर चला रहा। वीडियो में महिलाओं को हथियार चलाना और ‘मोदी-भारत दुश्मन’ सिखाया जा रहा। ‘जमात-उल-मुमिनात’ विंग फंड जुटाने के साथ युवतियों को फिदायीन बनाने पर फोकस।
ऑपरेशन सिंदूर के बाद ये संगठन महिला सशक्तिकरण के नाम पर नया सिलेबस चला रहे। UN और US ने इन्हें आतंकी घोषित किया। भारतीय खुफिया एजेंसियां अलर्ट।
