जयपुर में भयावह हादसा: मजदूरों से भरी बस हाई-टेंशन वायर से टकराई, आग लगने से 3 की मौत, 10 घायल
जयपुर में भयावह हादसा: मजदूरों से भरी बस हाई-टेंशन वायर से टकराई, आग लगने से 3 की मौत, 10 घायल
जयपुर: राजस्थान के जयपुर जिले के शाहपुरा क्षेत्र के मनोहरपुर में मंगलवार सुबह एक दिल दहला देने वाली घटना ने सबको स्तब्ध कर दिया। उत्तर प्रदेश के पीलीभीत से ईंट भट्ठे की ओर जा रही मजदूरों से भरी प्राइवेट बस हाई-टेंशन बिजली तार से टकरा गई, जिससे वाहन में करंट का तेज झटका लगा और फिर भीषण आग लग गई। इस हादसे में तीन मजदूरों की मौके पर जलकर मौत हो गई, जबकि 10 अन्य गंभीर रूप से झुलस गए। मृतक उत्तर प्रदेश के रहने वाले थे, और घटना में बस पर सवार करीब 65 मजदूर थे।
घटना सुबह करीब 6 बजे की बताई जा रही है। बस, जो ओवरलोडेड थी, मनोहरपुर थाना क्षेत्र में एक संकरे रास्ते से गुजर रही थी। अचानक बस की छत हाई-टेंशन लाइन से छू गई, जिससे इलेक्ट्रिक शॉक लगा। इससे बस में रखे तीन एलपीजी सिलेंडर फट गए, और इंजन व अन्य सामान में आग लग गई। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि बस पूरी तरह घिर गई। स्थानीय लोग दौड़कर आए और घायलों को बचाने की कोशिश की, लेकिन आग बुझाने में फायर ब्रिगेड को 30 मिनट लग गए। मनोहरपुर पुलिस ने तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।
मृतकों में नसीम (50 वर्ष) और साहिनम (20 वर्ष) के नाम सामने आए हैं, जबकि तीसरे की पहचान अभी बाकी है। घायलों को पहले शाहपुरा उप-जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां तीन को मृत घोषित कर दिया गया। बाकी 10 को प्राथमिक उपचार के बाद जयपुर के सवाई मानसिंह (एसएमएस) अस्पताल रेफर किया गया, जहां पांच की हालत नाजुक बताई जा रही है। शाहपुरा एसडीएम संजीव खेड़र ने बताया, “बस में सामान ज्यादा लोड होने से छत ऊंची हो गई थी, जो तार से टकराई। जांच में बिजली विभाग की लापरवाही भी सामने आ रही है।” जिला कलेक्टर जितेंद्र कुमार सोनी ने कहा कि बस पीलीभीत से मजदूरों को लेकर तोड़ी गांव के ईंट भट्ठे जा रही थी।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने हादसे पर शोक व्यक्त किया और इसे “अत्यंत दुखद” बताया। उन्होंने घायलों के इलाज का पूरा इंतजाम करने के निर्देश दिए, साथ ही मृतकों के परिवार को 5-5 लाख रुपये की सहायता राशि की घोषणा की। विपक्ष के नेता तिकाराम जूली ने भी संवेदना जताई और जल्द जांच की मांग की। पुलिस ने बस चालक के खिलाफ लापरवाही का केस दर्ज किया है, और बिजली विभाग की भूमिका की जांच के आदेश दिए गए हैं। हादसे के बाद इलाके में हाई-टेंशन लाइनों की ऊंचाई जांचने का अभियान शुरू हो गया है।
यह घटना राजस्थान में हाल की बस दुर्घटनाओं की कड़ी में जुड़ गई है। 14 अक्टूबर को जैसलमेर में एक बस में आग लगने से 20 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कुर्नूल और अन्य जगहों पर भी इसी तरह के हादसे हुए। विशेषज्ञों का मानना है कि ओवरलोडिंग, पुरानी बसें और बुनियादी ढांचे की कमी ऐसी त्रासदियों को जन्म दे रही है। जहां लोग सुरक्षा मानकों पर सवाल उठा रहे हैं। कुल मिलाकर, यह हादसा न केवल परिवारों के लिए दुख का पहाड़ लाया है, बल्कि सड़क सुरक्षा पर गंभीर बहस छेड़ दी है।
