दिवाली पर मां लक्ष्मी की विशेष आरती: घर में लाएं समृद्धि और सुख
दिवाली पर मां लक्ष्मी की विशेष आरती: घर में लाएं समृद्धि और सुख
दिवाली 2025 का पावन पर्व आ गया है, जो धन की देवी मां लक्ष्मी की पूजा का विशेष अवसर है। इस दिन मां लक्ष्मी की आरती करने से जीवन की सभी परेशानियां दूर होती हैं और समृद्धि का आगमन होता है। ज्योतिष शास्त्रों के अनुसार, दीपावली की शाम प्रदोष काल में मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा के बाद आरती उतारना शुभ फलदायी है। लेकिन एक महत्वपूर्ण मान्यता है: दिवाली की मुख्य पूजा में आरती के दौरान शंख-घंटी न बजाएं, ताकि मां लक्ष्मी घर में स्थायी रूप से वास करें। आरती के बाद लोग उठकर चले जाते हैं, इसलिए इसे पूजा के अंत में ही करें। आइए, जानें मां लक्ष्मी की प्रसिद्ध आरती “ॐ जय लक्ष्मी माता” और इसे करने की विधि।
मां लक्ष्मी की विशेष आरती: ॐ जय लक्ष्मी माता
यह आरती रोज सुबह-शाम या दिवाली पूजा के दौरान गाएं। पूजा स्थल पर दीपक जलाएं, अगरबत्ती लगाएं और कमल पुष्प अर्पित करें। पूरे परिवार के साथ मिलकर गाएं, ताकि मां की कृपा सब पर बरसे।
ॐ जय लक्ष्मी माता
मैया जय लक्ष्मी माता।
तुमको निशिदिन सेवत हरि विष्णु विधाता।
सुर धर मुनि मन रंजन, रंजन।
ॐ जय लक्ष्मी माता॥
मैया जय लक्ष्मी माता
जो कोई तुमको ध्यावत ऋद्धि-सिद्धि धन पाता।
कर्म प्रभाव प्रकाशिनी, भवनीधि की त्राता।
ॐ जय लक्ष्मी माता॥
मैया जय लक्ष्मी माता
रत्न चिंता के दिन चकोर, दुख हरण विधाता।
सुख सम्पत्ति के दाता।
ॐ जय लक्ष्मी माता॥
मैया जय लक्ष्मी माता
हिरण चंदन की सेज, पान को बनाना।
सिंहासन चरन में रचे, पुष्पन चंदन तिलक।
ॐ जय लक्ष्मी माता॥
मैया जय लक्ष्मी माता
सुप्रसन्न उज्जवल दिव्य देह, इंदु मुख महा रस।
पद्म गत्र वरद हस्त, कर कमल वरद हस्त।
ॐ जय लक्ष्मी माता॥
मैया जय लक्ष्मी माता
माता पूजा उत्तम महा पूजा, तुभ्यं नमो नमो।
अथ तुभ्यं नमो नमो, अथ तुभ्यं नमो नमो।
ॐ जय लक्ष्मी माता॥
महालक्ष्मीजी की आरती
जो कोई नर गाता।
उर आनंद समाता, पाप उतर जाता।
ॐ जय लक्ष्मी माता॥
आरती करने की विधि
1. पूजा की तैयारी: शाम को प्रदोष काल (लगभग 6:09 से 8:04 बजे) में पूजा स्थल सजाएं। मां लक्ष्मी की मूर्ति या चित्र स्थापित करें, कमल पुष्प, मिठाई, नारियल और मिश्री अर्पित करें।
2. आरती का समय: पूजा के अंत में आरती शुरू करें। घंटी बजाएं, लेकिन शंख न बजाएं। अगरबत्ती और दीपक से परिक्रमा करें।
3. मंत्र जाप: आरती के दौरान “ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं महालक्ष्म्यै नमः” का जाप करें।
4. प्रसाद वितरण: आरती के बाद प्रसाद बांटें और घर के मुख्य द्वार पर दीपक जलाएं, ताकि मां लक्ष्मी का स्वागत हो।
ज्योतिषी कहते हैं, “दिवाली पर यह आरती करने से धन-धान्य की कमी नहीं होती। मां लक्ष्मी प्रसन्न होकर घर में सदा वास करती हैं।” लेकिन कुछ मान्यताओं में दिवाली पर ही आरती न करने की सलाह दी जाती है, ताकि मां न जाएं। इसलिए पूजा के बाद ही करें।
