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$2 ट्रिलियन का झटका: चीन पर 100% टैरिफ से बाजारों में हाहाकार, क्रिप्टो मार्केट भी लुढ़का

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के झटके वाले ऐलान ने वैश्विक बाजारों को हिला दिया। ट्रंप ने चीन पर सभी आयातों पर 100% टैरिफ लगाने की घोषणा की, जो 1 नवंबर 2025 से लागू होगी। इस फैसले का असर इतना भयानक रहा कि अमेरिकी शेयर बाजारों में $2 ट्रिलियन (लगभग 168 लाख करोड़ रुपये) का फटाफट नुकसान हो गया। क्रिप्टोकरेंसी मार्केट भी इस तूफान से नहीं बचा – कुल मार्केट कैप $4.25 ट्रिलियन से गिरकर $4.05 ट्रिलियन रह गया, यानी $200 बिलियन (लगभग 16.8 लाख करोड़ रुपये) का झटका। बिटकॉइन $122,000 से गिरकर $107,000 पर आ गया, जबकि एथेरियम 15% लुढ़क गया।

ट्रंप का धमाकेदार ऐलान: चीन को ‘होस्टाइल’ करार

ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट करते हुए कहा, “चीन ने ‘असाधारण आक्रामक’ रुख अपनाया है। उन्होंने लगभग हर उत्पाद पर निर्यात नियंत्रण लगा दिए हैं। इसलिए, अमेरिका 1 नवंबर (या पहले, अगर चीन ने और कदम उठाया) से चीन पर 100% टैरिफ लगाएगा – मौजूदा टैरिफ के अलावा।” यह फैसला चीन के रेयर अर्थ मेटल्स पर निर्यात प्रतिबंधों के जवाब में आया। ट्रंप ने इसे “पूर्ण युद्ध” जैसा बताया, जो 2019 के ट्रेड वॉर से भी बड़ा है।

– मार्केट का रिएक्शन: S&P 500 ने 40 मिनट में $1.2 ट्रिलियन मिटा दिए। नास्डैक 5% गिरा, जबकि डाउ जोन्स 3.5% नीचे। एशियाई बाजारों में निक्केई 4% और हैंगसेंग 6% लुढ़के।

– क्रिप्टो में तबाही: $19 बिलियन से ज्यादा की लिक्विडेशन हुई – ज्यादातर लॉन्ग पोजीशन (बुलिश बेट्स)। बिटकॉइन 10% गिरा, एथेरियम 12.7%, XRP 17%, सोलाना 20% नीचे। कुल वॉल्यूम 145% उछला, लेकिन घाटे के साथ।

चीन पर असर: सप्लाई चेन में भूचाल

चीन, जो अमेरिका को $500 बिलियन से ज्यादा का निर्यात करता है, अब 100% टैरिफ से जूझेगा। विशेषज्ञों का कहना है कि यह टेक सप्लाई चेन (सेमीकंडक्टर, AI, ब्लॉकचेन) को चोट पहुंचाएगा। चीनी स्टॉक 7% गिरे, और युआन 2% कमजोर। बीजिंग ने जवाबी कार्रवाई की धमकी दी, लेकिन अभी चुप्पी साधी है। IMF ने चेतावनी दी कि इससे वैश्विक GDP 1-2% सिकुड़ सकता है।

क्रिप्टो ट्रेडर्स का मिजाज: ‘रिस्क-ऑफ’ मोड में

क्रिप्टो एनालिस्ट्स ने इसे “ब्लडबाथ” कहा। CoinGecko के अनुसार, $7.5 बिलियन की पोजीशन एक घंटे में उड़ गईं। ट्रेडर्स का कहना है कि टैरिफ से टेक सेक्टर में अनिश्चितता बढ़ेगी, जो क्रिप्टो को सपोर्ट करता है। लेकिन कुछ इसे “बायिंग ऑपर्चुनिटी” बता रहे हैं – बिटकॉइन $113,000 पर रिकवर कर रहा है।

विशेषज्ञों की राय: क्या होगा आगे?

– मॉर्गन स्टैनली: “यह इन्फ्लेशन बढ़ाएगा और इन्वेस्टर कॉन्फिडेंस हिलाएगा। क्रिप्टो में और गिरावट संभव।”

– ब्लूमबर्ग: “ट्रेड वॉर 2.0 से ग्लोबल रिसेशन का खतरा।”

– ओपनइंटरेस्ट: लॉन्ग पोजीशन $6.22 बिलियन लिक्विडेट, शॉर्ट $1.29 बिलियन।

ट्रंप का यह कदम चुनावी रणनीति का हिस्सा लगता है, लेकिन बाजारों के लिए बुरा सपना। क्या चीन जवाब देगा? आने वाले हफ्ते बताएंगे। निवेशक सतर्क रहें – वॉलेटाइल टाइम्स आ गए हैं।

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