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‘पढ़ाई के बहाने घर बुलाकर संबंध बनाती, फिर कराई हत्या’: अलीगढ़ में पूर्व महामंडलेश्वर पूजा शकुन पांडेय गिरफ्तार

‘पढ़ाई के बहाने घर बुलाकर संबंध बनाती, फिर कराई हत्या’: अलीगढ़ में पूर्व महामंडलेश्वर पूजा शकुन पांडेय गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में एक सनसनीखेज हत्याकांड ने पूरे इलाके को हिला दिया है। पुलिस ने लंबे समय से फरार चल रही पूर्व महामंडलेश्वर अन्नापूर्णा भारती उर्फ पूजा शकुन पांडेय (45 वर्ष) को हरिद्वार से गिरफ्तार कर लिया। पूजा पर अपने प्रेमी अभिषेक गुप्ता (28 वर्ष) की हत्या की साजिश रचने का गंभीर आरोप है। पूछताछ में खुलासा हुआ कि वह पढ़ाई के बहाने युवकों को अपने आश्रम में बुलाती, शारीरिक संबंध बनाती और फिर उनसे पैसे ऐंठती या खतरे में पड़ने पर हत्या करा देती। यह गिरफ्तारी अभिषेक हत्याकांड के 10 दिनों बाद हुई, जिसमें अब तक तीन आरोपी पकड़े जा चुके हैं।

हत्याकांड का खौफनाक खुलासा: प्रेम, धोखा और कत्ल

घटना 30 सितंबर की है। अलीगढ़ के खैर क्षेत्र के निवासी अभिषेक गुप्ता, जो एक प्राइवेट कंपनी में काम करता था, शाम करीब 9:30 बजे हाथरस जाने वाली बस में चढ़ने की तैयंत कर रहा था। तभी पीछे से दो बदमाशों ने उस पर तीन गोलियां चला दीं। अभिषेक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसके पिता नीरज और भाई जीत बस में सवार थे। पिता की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज किया, जिसमें मुख्य आरोपी के रूप में पूजा शकुन का नाम आया।

– पूजा का अपराधी चेहरा: पूजा ने 2017 में लव मैरिज के बाद संन्यास ले लिया था और निरंजनी अखाड़े से महामंडलेश्वर की पदवी हासिल की। वह अलीगढ़ के खेरेश्वर मंदिर के पास आश्रम चलाती थी। पुलिस के अनुसार, वह पढ़ाई या धार्मिक सलाह के बहाने युवकों को बुलाती, उनसे शारीरिक संबंध बनाती और फिर ब्लैकमेल करती। अभिषेक के साथ भी यही हुआ – वह आश्रम में पढ़ाई के लिए गया था, लेकिन संबंधों के बाद विवाद हो गया। पूजा ने अपने पति अशोक पांडेय (अखिल भारतीय हिंदू महासभा के प्रवक्ता) के साथ मिलकर हत्या की सुपारी दी।

– सुपारी किलर का कबूलनामा: गिरफ्तार शूटर ने पूछताछ में बताया, “पूजा ने 3 लाख रुपये की सुपारी दी। आसिफ ने गोली चलाई, जबकि मैं कवर फायरिंग कर रहा था।” पुलिस ने CCTV फुटेज के आधार पर शूटर को पकड़ा।

गिरफ्तारी का ऑपरेशन: हरिद्वार में छिपी थी पूर्व महामंडलेश्वर

अलीगढ़ SSP नीरज कुमार जादौन ने बताया कि पूजा पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था। वह हत्या के बाद फरार हो गई थी और हरिद्वार के एक आश्रम में छिपी हुई थी। स्पेशल टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर शुक्रवार रात को उसे दबोच लिया। पूजा को अलीगढ़ कोर्ट में पेश किया जाएगा, जहां से रिमांड की मांग की जाएगी।

– अन्य गिरफ्तारियां: पूजा के पति अशोक पांडेय को 1 अक्टूबर को गिरफ्तार किया गया। एक अन्य शूटर मोहम्मद फजल भी जेल में है। पुलिस अब पूजा के आश्रम से अन्य सबूत बरामद कर रही है, जहां कई युवकों के फोन और दस्तावेज मिले हैं।

– अखाड़े से निष्कासन: निरंजनी अखाड़ा ने पूजा को पदवी से बर्खास्त कर दिया। अखाड़ा प्रमुख ने कहा, “ऐसी महिला ने संत परंपरा को कलंकित किया।”

पीड़ित परिवार का गुस्सा: फांसी की मांग

अभिषेक के पिता नीरज गुप्ता ने कहा, “मेरा बेटा पढ़ाई के बहाने फंस गया। पूजा ने उसे मार डाला। सभी आरोपियों को फांसी हो।” परिवार ने न्याय के लिए हाईकोर्ट जाने की चेतावनी दी है। पुलिस ने मामले में IPC की धारा 302 (हत्या), 120B (षड्यंत्र) और आर्म्स एक्ट लगाया है।

विशेषज्ञों की राय: धार्मिक आड़ में अपराध

सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. रीता शर्मा ने कहा, “ऐसे फर्जी संतों का आश्रम युवाओं के लिए जाल है। सख्त कानून और जागरूकता जरूरी।” यह घटना UP में फर्जी बाबाओं के खिलाफ चल रही मुहिम को बल देगी।

निष्कर्ष: न्याय की उम्मीद

पूजा शकुन की गिरफ्तारी से हत्याकांड का पर्दाफाश हुआ, लेकिन सवाल बाकी हैं – कितने और युवक उसके जाल में फंसे? पुलिस ने अन्य मामलों की जांच तेज कर दी है। यह केस समाज को झकझोर रहा है कि धार्मिक आड़ में अपराध कितना खतरनाक हो सकता है।

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