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राजस्थान: सीकर में एक ही परिवार के 5 लोगों ने जहर खाकर दी जान, पारिवारिक परेशानियों से तंग आकर उठाया खौफनाक कदम

राजस्थान: सीकर में एक ही परिवार के 5 लोगों ने जहर खाकर दी जान, पारिवारिक परेशानियों से तंग आकर उठाया खौफनाक कदम

राजस्थान के सीकर जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। अनिरुद्ध रेजिडेंसी स्थित एक फ्लैट में एक मां ने अपने चार बच्चों के साथ जहर खाकर आत्महत्या कर ली। मृतकों में मां किरण (45 वर्ष), उनके तीन बेटे सुमित (22 वर्ष), आयुष (20 वर्ष), अवनीश (18 वर्ष) और बेटी स्नेहा (16 वर्ष) शामिल हैं। पुलिस को शनिवार सुबह फ्लैट से तेज दुर्गंध की सूचना मिली, जिसके बाद दरवाजा तोड़कर अंदर घुसने पर सभी के शव बरामद हुए। प्रारंभिक जांच में यह पुष्टि हुई कि परिवार ने 8 पैकेट जहर का सेवन किया था। यह घटना पारिवारिक कलह और आर्थिक तंगी से उपजी बताई जा रही है।

घटना का विवरण: दुर्गंध से खुलासा, शव सड़े हुए थे

घटना शुक्रवार रात या शनिवार तड़के की बताई जा रही है। फ्लैट लंबे समय से बंद था, और पड़ोसियों को अंदर से तेज बदबू आने लगी। सुबह करीब 8 बजे बिल्डिंग के अन्य निवासियों ने पुलिस को सूचना दी। सीकर के डिप्टी एसपी सुरेश शर्मा के नेतृत्व में पहुंची टीम ने दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया। अंदर का नजारा रोंगटे खड़े करने वाला था – सभी पांच शव एक कमरे में पड़े थे, जो बुरी तरह सड़ चुके थे।

– जहर के सबूत: फ्लैट में जहर के 8 खाली पैकेट बरामद हुए। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार है, लेकिन प्रथम दृष्टया जहर सेवन ही मौत का कारण लग रहा है।

– परिवार का बैकग्राउद: किरण एक विधवा थीं, जिनके पति की मौत कुछ वर्ष पहले हो चुकी थी। वे अकेले ही बच्चों की परवरिश कर रही थीं। परिवार किराए के फ्लैट में रहता था, और आर्थिक रूप से तंग था। सुमित नौकरी की तलाश में था, जबकि अन्य बच्चे पढ़ाई कर रहे थे।

– पुलिस कार्रवाई: फॉरेंसिक टीम ने साइट का निरीक्षण किया। डिप्टी धोद सुरेश शर्मा ने बताया, “फ्लैट में दुर्गंध इतनी तेज थी कि अंदर घुसना मुश्किल हो रहा था। शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है।” फिलहाल कोई सुसाइड नोट नहीं मिला, लेकिन मोबाइल रिकॉर्ड्स और पड़ोसियों के बयानों से जांच जारी है।

सामने आई वजह: पारिवारिक कलह और आर्थिक तंगी

पुलिस ने प्रारंभिक पूछताछ में परिवार के रिश्तेदारों और पड़ोसियों से बात की। सामने आया कि किरण और बच्चों के बीच लंबे समय से पारिवारिक विवाद चल रहा था। आर्थिक दबाव भी बढ़ रहा था – किरण अकेले कमाती थीं, और बच्चों की पढ़ाई-खर्च का बोझ असहनीय हो गया था। एक पड़ोसी ने बताया, “किरण अक्सर बच्चों से झगड़तीं, और हाल ही में सुमित की नौकरी न मिलने से तनाव बढ़ गया था। वे मानसिक रूप से टूट चुकी थीं।”

– विशेषज्ञों की राय: मनोचिकित्सक डॉ. रमेश शर्मा ने कहा, “ऐसी घटनाएं पारिवारिक दबाव और सहायता की कमी से होती हैं। काउंसलिंग और हेल्पलाइन की जरूरत है।”

– सामाजिक संदेश: यह घटना मानसिक स्वास्थ्य और पारिवारिक समर्थन की कमी पर सवाल खड़े करती है। राजस्थान सरकार ने प्रभावित परिवारों के लिए हेल्पलाइन नंबर 104 जारी किया है।

जांच जारी: क्या है पूरा राज?

पुलिस ने मामला आत्महत्या का मान लिया है, लेकिन किसी बाहरी दबाव या साजिश की आशंका से जांच कर रही है। रिश्तेदारों के बयान लिए जा रहे हैं, और फोन रिकॉर्ड्स चेक हो रहे हैं। सीकर एसपी ने कहा, “हम पारदर्शी जांच करेंगे, ताकि सच्चाई सामने आए।”

यह घटना राजस्थान में आत्महत्या के बढ़ते मामलों को उजागर करती है। 2024 में राज्य में 12,000 से अधिक सुसाइड केस दर्ज हुए, जिनमें पारिवारिक कलह प्रमुख कारण था। समाज को एकजुट होकर ऐसी त्रासदियों को रोकना होगा।

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