राजनीति

‘राहुल का जो हश्र हुआ वही तेजस्वी का होगा’: राघोपुर सीट से चुनाव लड़ सकते हैं प्रशांत किशोर, RJD गढ़ पर सियासी जंग तेज

‘राहुल का जो हश्र हुआ वही तेजस्वी का होगा’: राघोपुर सीट से चुनाव लड़ सकते हैं प्रशांत किशोर, RJD गढ़ पर सियासी जंग तेज

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की सबसे हॉट सीट राघोपुर बनती जा रही है। जन सुराज पार्टी (JSP) के संस्थापक और पूर्व चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने आज राघोपुर पहुंचकर चुनावी बिगुल फूंका और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव को ललकारा। किशोर ने कहा, “राहुल गांधी का जो हश्र अमेठी में हुआ, वही तेजस्वी का राघोपुर में होगा।” उन्होंने तेजस्वी पर निशाना साधते हुए दावा किया कि अगर वे राघोपुर से चुनाव लड़ते हैं, तो तेजस्वी को दूसरी सीट तलाशनी पड़ेगी। यह बयान लालू परिवार के गढ़ पर सियासी बिसात बिछाने का संकेत देता है, जहां राघोपुर पहले चरण (6 नवंबर) में मतदान होगा।

राघोपुर पहुंचे PK: जनता से मिले, लालू परिवार पर साधा निशाना

प्रशांत किशोर शनिवार सुबह पटना से राघोपुर रवाना हुए और वहां कार्यकर्ताओं व जनता से मिले। उन्होंने कहा, “राघोपुर की जनता को अब तक मूलभूत सुविधाएं तक नहीं मिलीं। लालू परिवार ने सिर्फ वोट लिए, विकास नहीं दिया।” किशोर ने तेजस्वी को “9वीं फेल” बताते हुए कहा कि बिहार की जनता उन्हें मुख्यमंत्री के रूप में स्वीकार नहीं करेगी। उन्होंने यह भी इशारा किया कि जन सुराज की पहली उम्मीदवार सूची (9 अक्टूबर को जारी) में उनका नाम राघोपुर या करगहर से हो सकता है।

राघोपुर वैशाली जिले की हाई-प्रोफाइल सीट है, जो लालू परिवार का गढ़ मानी जाती है। यहां से लालू प्रसाद यादव (1995, 2000), राबड़ी देवी (2005) और तेजस्वी यादव (2015, 2020) ने जीत दर्ज की। 2020 में तेजस्वी ने 64,000 से अधिक वोटों से जीत हासिल की। लेकिन किशोर का दावा है कि उनका ‘ममता मॉडल’ (ममता बनर्जी की तरह गढ़ तोड़ना) यहां कामयाब होगा।

तेजस्वी पर PK का हमला: ‘तेजस्वी भाग रहे हैं, दूसरी सीट ढूंढ रहे’

किशोर ने मीडिया से बातचीत में कहा, “मेरे चुनाव लड़ने की बात सुनकर तेजस्वी भाग उठे हैं। उन्हें वही नतीजा भुगतना होगा जो राहुल गांधी को अमेठी में हुआ।” उन्होंने राहुल गांधी के अमेठी से हारकर वायनाड जाने का जिक्र किया। किशोर ने कहा, “अगर तेजस्वी 20 साल से चुनाव लड़ते, तो मैं उनके खिलाफ ही लड़ता। लेकिन अब जन सुराज बिहार को नई दिशा देगा।” यह बयान सितंबर से चल रही चुनौती का हिस्सा है, जब किशोर ने पहली बार राघोपुर का जिक्र किया था।

ग्राउंड रिपोर्ट में कुछ वोटर तेजस्वी के प्रति नाराज दिखे, लेकिन ज्यादातर ने कहा, “तेजस्वी ही जीतेंगे।” यादव और पासवान वोट बैंक यहां मजबूत है, लेकिन EBC और SC वोटों पर किशोर की नजर है।

राजनीतिक समीकरण: हॉट सीट पर क्या होगा असर?

– राघोपुर का इतिहास: 2015 में तेजस्वी ने 50%+ वोट शेयर के साथ जीत। RJD का गढ़, लेकिन NDA की चूक से महागठबंधन मजबूत।

– PK की रणनीति: जन सुराज 243 में से 100+ सीटों पर लड़ेगी। राघोपुर फतह से मिथिला-वैशाली बेल्ट में धाक जमाना चाहते हैं। अगर PK लड़ते हैं, तो तेजस्वी को दो सीटों से मैदान में उतरना पड़ सकता है।

– विपक्ष का रुख: RJD ने इसे “PK का BJP प्रॉक्सी” बताया। तेजस्वी ने अभी चुप्पी साधी, लेकिन महागठबंधन में हलचल है। NDA को फायदा, क्योंकि वोट बंट सकता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि PK का राघोपुर दांव तेजस्वी के लिए मुश्किल खड़ी कर सकता है, लेकिन लालू फैमिली का वोट बैंक चुनौती है। जन सुराज की पहली लिस्ट जल्द आने से साफ होगा कि PK कहां से लड़ेंगे।

निष्कर्ष: बिहार की सबसे हॉट जंग

प्रशांत किशोर का राघोपुर दौरा बिहार चुनाव को त्रिकोणीय बना रहा है। ‘राहुल जैसा हश्र’ का दावा तेजस्वी को बैकफुट पर ला सकता है। क्या PK लालू गढ़ तोड़ पाएंगे? 6 नवंबर का इंतजार।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *