देवभूमि की परंपराओं पर चोट: मर्चूला में श्मशान घाट पर सजा दी शादी की स्टेज, जयमाला देख भड़के लोग
देवभूमि की परंपराओं पर चोट: मर्चूला में श्मशान घाट पर सजा दी शादी की स्टेज, जयमाला देख भड़के लोग
सल्ट/अल्मोड़ा | ब्यूरो
उत्तराखंड को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ‘वेडिंग डेस्टिनेशन’ बनाने की सरकार की मुहिम के बीच एक शर्मनाक मामला सामने आया है। सल्ट के मर्चूला क्षेत्र में एक रिजॉर्ट संचालक ने सारी मर्यादाएं लांघते हुए रामगंगा और बदनगढ़ नदी के संगम पर स्थित एक पुराने अंत्येष्टि स्थल (श्मशान घाट) पर शादी की जयमाला की रस्म आयोजित करवा दी। सोशल मीडिया पर इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है।
श्मशान में जयमाला: आस्था और परंपराओं का अपमान
वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि जिस स्थान पर सदियों से अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की जाती है, वहां शादी का भव्य मंच सजाया गया था। स्थानीय निवासियों ने इसे पहाड़ों की पवित्र परंपराओं के प्रति घोर असंवेदनशीलता करार दिया है। लोगों का कहना है कि रिजॉर्ट संचालक अपने मुनाफे के लिए सार्वजनिक और धार्मिक स्थलों का दुरुपयोग कर रहे हैं।
स्थानीय लोगों का तर्क: “जिस स्थान से जीवन की अंतिम यात्रा विदा होती है, वहां से वैवाहिक जीवन की नई शुरुआत करना न केवल शास्त्रों के विरुद्ध है, बल्कि यह हमारी मान्यताओं पर सीधा प्रहार है।”
प्रशासन की रडार पर रिजॉर्ट संचालक
बिना किसी प्रशासनिक अनुमति के सार्वजनिक स्थल और श्मशान घाट को वेडिंग वेन्यू के रूप में इस्तेमाल करने पर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है।
तहसीलदार आबिद अली ने मामले की गंभीरता को स्वीकार करते हुए कहा—
”रिजॉर्ट परिसर से बाहर सार्वजनिक स्थल और विशेषकर अंत्येष्टि स्थल पर इस तरह की गतिविधि पूरी तरह गलत है। रिजॉर्ट संचालक को तलब कर पूछताछ की जाएगी और नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।”
वेडिंग डेस्टिनेशन हब की छवि को खतरा
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार उत्तराखंड को वेडिंग डेस्टिनेशन हब के रूप में विकसित कर रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाएं देवभूमि की छवि को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर धूमिल कर सकती हैं। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि वेडिंग डेस्टिनेशन के नाम पर पहाड़ों की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत से खिलवाड़ करने वालों पर तुरंत रोक लगनी चाहिए।
मुख्य बिंदु:
स्थान: रामगंगा और बदनगढ़ नदी का संगम, मर्चूला।
विवाद: श्मशान घाट पर जयमाला का आयोजन।
प्रशासनिक रुख: तहसीलदार ने जांच और कार्रवाई के दिए आदेश।
जनता की मांग: परंपराओं और सार्वजनिक स्थलों के संरक्षण हेतु कड़े नियम बनें।
