देहरादून: आंगनबाड़ी में पौष्टिक आहार के नाम पर सड़े अंडे, वायरल वीडियो से हड़कंप; CDPO ने जांच के आदेश दिए
देहरादून: आंगनबाड़ी में पौष्टिक आहार के नाम पर सड़े अंडे, वायरल वीडियो से हड़कंप; CDPO ने जांच के आदेश दिए
उत्तराखंड के देहरादून जिले के एक आंगनबाड़ी केंद्र में पौष्टिक आहार के नाम पर बच्चों को सड़े अंडे परोसने का मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता सड़े-गले अंडे छांटते और फेंकते नजर आ रही हैं, जिससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया है। वीडियो में दिखाया गया है कि सप्लाई किए गए अंडों का ज्यादातर बैच खराब है, जो बच्चों के स्वास्थ्य के लिए खतरा पैदा कर सकता है। जिला बाल विकास परियोजना अधिकारी (CDPO) ने मामले को गंभीर बताते हुए तत्काल जांच के आदेश जारी कर दिए हैं, और दोषी सप्लायर व कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई की चेतावनी दी है।
घटना देहरादून के डोभिया ब्लॉक के एक आंगनबाड़ी केंद्र की बताई जा रही है, जहां पोषण अभियान के तहत सप्ताह में दो बार अंडे उपलब्ध कराए जाते हैं। वायरल वीडियो गुरुवार दोपहर का है, जिसमें कार्यकर्ता ने कहा, “ये अंडे इतने सड़े हैं कि सूंघने से ही बदबू आ रही है। बच्चों को कैसे दूं?” वीडियो में दर्जनों सड़े अंडे कूड़े में फेंके जाते दिख रहे हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि खराब सप्लाई के बावजूद आंगनवाड़ी कार्यकर्ता ने इसे छिपाने की कोशिश की।
मामले की मुख्य जानकारी
– स्थान: डोभिया ब्लॉक, देहरादून जिला (आंगनबाड़ी केंद्र नंबर 5)।
– समय: 9 अक्टूबर 2025, दोपहर करीब 12 बजे।
– कारण: ICDS योजना के तहत सप्लाई किए गए अंडे खराब; संभवतः स्टोरेज या ट्रांसपोर्ट की लापरवाही।
– प्रभावित: केंद्र पर 50 से ज्यादा 3-6 वर्ष के बच्चे आते हैं; सौभाग्य से किसी को नुकसान नहीं।
– वीडियो का वायरल होना फेसबुक और इंस्टाग्राम पर शेयर होने के बाद 24 घंटों में 50,000 से ज्यादा व्यूज। ग्रामीणों ने #SaveOurChildren हैशटैग से कैंपेन शुरू किया।
CDPO रीता जोशी ने बताया, “वीडियो की जानकारी मिलते ही हमने साइट विजिट की। अंडे सड़े पाए गए, सप्लायर फर्म के खिलाफ FIR दर्ज करने की प्रक्रिया चल रही है। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता को नोटिस जारी किया गया है।” उन्होंने कहा कि जिले के सभी केंद्रों पर स्टॉक चेक कराया जाएगा, और भविष्य में साप्ताहिक क्वालिटी टेस्ट अनिवार्य होगा। महिला एवं बाल विकास विभाग के निदेशक ने राज्य स्तर पर अलर्ट जारी किया है।
ग्रामीणों का आक्रोश
स्थानीय ग्रामीण रमेश चंद ने कहा, “हमारे बच्चे पोषण के नाम पर जहर खा लें? सरकार योजना चला रही है, लेकिन निगरानी कहां है?” एक मां ने वीडियो शेयर करते हुए लिखा, “ये अंडे देखकर उल्टी आ रही है। बच्चे बीमार पड़ जाएंगे।” विपक्षी नेता हरदा ने ट्वीट कर सरकार पर निशाना साधा, “पोषण अभियान का मजाक बना दिया। तुरंत जांच हो।”
यह घटना उत्तराखंड में ICDS योजना की कमजोरियों को उजागर करती है। हाल ही में नैनीताल के भीमताल में भी सड़े अंडों का मामला सामने आया था, जहां विभाग ने इसे ‘टूटे अंडे’ बताकर खारिज किया था। विशेषज्ञों का कहना है कि सप्लाई चेन में सुधार जरूरी है। प्रशासन ने प्रभावित बच्चों के लिए वैकल्पिक आहार की व्यवस्था की है। अधिक जानकारी के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग की हेल्पलाइन 181 पर संपर्क करें।
