दक्षिण कश्मीर के कोकेरनाग के गडोल जंगल में 2 आर्मी कमांडो लापता: संयुक्त तलाशी अभियान जारी
दक्षिण कश्मीर के कोकेरनाग के गडोल जंगल में 2 आर्मी कमांडो लापता: संयुक्त तलाशी अभियान जारी
दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले के कोकेरनाग क्षेत्र में गडोल (गडूल) जंगल के घने इलाके में एक संयुक्त सर्च ऑपरेशन के दौरान भारतीय सेना के एलीट 5 पैरा यूनिट के दो अग्निवीर कमांडो लापता हो गए। घटना 6 अक्टूबर की शाम की बताई जा रही है, जब कमांडो एक कॉम्बिंग ऑपरेशन पर थे। सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और अन्य सुरक्षा बलों ने बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान शुरू कर दिया है, जिसमें हेलीकॉप्टर और ड्रोन का इस्तेमाल हो रहा है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, दोनों कमांडो सुरक्षित होने की उम्मीद है, लेकिन जंगल की घनी और दुर्गम भूभाग के कारण चुनौतियां बनी हुई हैं।
घटना का विवरण
सूत्रों के मुताबिक, 5 पैरा स्पेशल फोर्स के दो कमांडो (अग्निवीर रैंक) गडोल जंगल में आतंकवादियों की तलाशी के लिए एक जॉइंट ऑपरेशन का हिस्सा थे। 6 अक्टूबर की शाम को वे एक्टिविटी के दौरान लापता हो गए। जंगल का इलाका घना और पहाड़ी है, जहां सिग्नल की समस्या और मौसम की वजह से संपर्क कट जाता है। सेना ने तुरंत सर्च ऑपरेशन शुरू किया, जिसमें पैरा कमांडो, CRPF और स्थानीय पुलिस शामिल हैं। हेलीकॉप्टर से एरियल सर्विलांस और थर्मल इमेजिंग कैमरों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
सेना के एक अधिकारी ने कहा, “दोनों कमांडो अनुभवी हैं और जंगल में सर्वाइव करने में सक्षम। हम हर संभव प्रयास कर रहे हैं।” जम्मू-कश्मीर पुलिस के ADGP ने भी पुष्टि की कि ऑपरेशन जारी है और कोई आतंकी इन्वॉल्वमेंट का संकेत नहीं मिला है।
तलाशी अभियान की स्थिति
– शुरुआत: 7 अक्टूबर सुबह से बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन चल रहा है।
– टीमें: सेना की पैरा यूनिट, J&K पुलिस और CRPF की संयुक्त टीमें 10 किलोमीटर के दायरे में सर्च कर रही हैं।
– चुनौतियां: घना जंगल, ऊंचाई (2000 मीटर से अधिक) और बारिश ने काम को कठिन बना दिया है।
– अपडेट: अभी तक कोई सुराग नहीं मिला, लेकिन कमांडो के रेडियो सेट्स का सिग्नल ट्रैक करने की कोशिश हो रही है।
यह इलाका 2023 के कोकेरनाग एनकाउंटर के लिए जाना जाता है, जहां लश्कर-ए-तैयबा के कमांडर उजैर खान समेत दो आतंकी मारे गए थे। तब भी गडोल जंगल में लंबा ऑपरेशन चला था।
सेना और स्थानीय प्रतिक्रिया
सेना ने परिवारों को आश्वस्त किया है कि सभी संसाधन लगाए जा रहे हैं। स्थानीय ग्रामीणों ने भी सर्च में मदद का ऐलान किया है। विपक्षी नेताओं ने सेना के प्रयासों की सराहना की और कमांडो के सुरक्षित लौटने की कामना की। यह घटना कश्मीर घाटी में सिक्योरिटी ऑपरेशंस की चुनौतियों को उजागर करती है, जहां जंगल और पहाड़ आतंकवादियों के लिए छिपने का सुरक्षित स्थान बने रहते हैं।
