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‘छोरियां चली गांव’ की विनर बनीं अनीता हसनंदानी, शो जीतकर शगुना बाई के पोते की पढ़ाई का लिया जिम्मा

‘छोरियां चली गांव’ की विनर बनीं अनीता हसनंदानी, शो जीतकर शगुना बाई के पोते की पढ़ाई का लिया जिम्मा

टीवी की चहेती अभिनेत्री अनीता हसनंदानी ने जी टीवी के रियलिटी शो ‘छोरियां चली गांव’ का खिताब अपने नाम कर लिया है। शहरी लड़कियों को ग्रामीण जीवन से जोड़ने वाले इस अनोखे शो के पहले सीजन का फिनाले हाल ही में हुआ, जहां अनीता ने जैकी श्रॉफ की बेटी कृष्णा श्रॉफ सहित अन्य फाइनलिस्टों को पछाड़कर ट्रॉफी जीती। जीत के बाद अनीता ने न सिर्फ अपने इमोशनल सफर को शेयर किया, बल्कि एक दिल छू लेने वाले काम से सभी का दिल जीत लिया। उन्होंने शो में मिली पुरस्कार राशि से गांव की बुजुर्ग महिला शगुना बाई के पोते की शिक्षा का खर्च उठाने का ऐलान किया, जो गरीबी के कारण पढ़ाई छोड़ने की कगार पर था।

‘छोरियां चली गांव’ 3 अगस्त 2025 को शुरू हुआ था, जिसमें 11 शहरी महिलाएं मध्य प्रदेश के बामुलिया गांव में दो महीने गुजारने आईं। यहां उन्हें खेती-बाड़ी, कूड़ा उठाना, पशु संभालना जैसे ग्रामीण काम सिखाए गए। रोडिज फेम रणविजय सिंहा द्वारा होस्ट किया गया यह शो शहरी-ग्रामीण जीवन के फर्क को दिखाने का प्रयास था। अनीता, जो ‘ये है मोहब्बतें’ और ‘नागिन’ जैसी सीरियल्स से फेमस हैं, ने यहां अपनी जुझारूपन और संवेदनशीलता से सभी को प्रभावित किया। फाइनल में कृष्णा श्रॉफ रनर-अप रहीं, जिन्होंने अनीता की जीत को स्वीकार करते हुए कहा, “अनीता से हारना मेरे लिए स्वीकार्य था, उन्होंने शो में सच्ची मेहनत दिखाई।”

अनीता ने जीत के बाद एक इंटरव्यू में कहा, “ये सफर मेरे लिए कम्फर्ट जोन से बाहर निकलने जैसा था। कूड़ा उठाना, भारी काम करना—ये सब नया था। लेकिन इससे मुझे एहसास हुआ कि कितने लोग रोज ऐसी मेहनत से परिवार चलाते हैं। शो ने मुझे सभी कामों की कद्र सिखाई।” उन्होंने भावुक होकर बताया कि जब उनका बेटा आरव शो सेट पर आया, तो वे रो पड़ीं। “गांव वालों के साथ बने रिश्ते मेरे दिल के करीब हैं। मैं इनकी मदद करना चाहती हूं।” अनीता ने शगुना बाई के पोते की पढ़ाई का जिम्मा लिया, जो शो के दौरान उनकी मददगार बुजुर्ग के परिवार का सदस्य है। “उनका पोता पढ़ना चाहता है, लेकिन आर्थिक तंगी से जूझ रहा है। मैं पूरी जिम्मेदारी लूंगी, ताकि वो डॉक्टर बन सके।” यह ऐलान सुनकर स्टूडियो में तालियां गूंज उठीं।

अन्य कंटेस्टेंट्स ने भी सराहना की। सुरभि मेहरा ने नमन नैतिक की शिक्षा का जिम्मा लिया। अनीता की जीत पर पति रोहित रेड्डी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया, “तुम्हारी मेहनत और दिल की सच्चाई ने सब जीत लिया। आरव और मैं गर्व महसूस कर रहे हैं।” शो के जजों ने अनीता की तारीफ की, कहा कि उन्होंने न सिर्फ टास्क पूरे किए, बल्कि गांव वालों के दिल में जगह बनाई। कृष्णा श्रॉफ ने कहा, “अनीता मेरी फेवरेट कंटेस्टेंट थीं। लेकिन एक कंटेस्टेंट से कभी बात नहीं करूंगी, क्योंकि उन्होंने पीठ पीछे नकारात्मकता फैलाई।”

यह जीत अनीता के लिए पर्सनल कमबैक भी है। मां बनने के बाद उन्होंने शो में हिस्सा लिया, जहां उन्होंने पति के लिए प्यार भरा लेटर लिखा। “बेटे आरव की जिम्मेदारियों में खोकर रोहित पर ध्यान कम हो गया था, लेकिन यहां आकर रिश्ते की अहमियत समझी।” शो ने अनीता को नई ऊर्जा दी, और दर्शकों को ग्रामीण जीवन की झलक।

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