राष्ट्रीय

‘वक्त आने वाला है, जब दरिया, डैम से लेकर पूरा कश्मीर…’, पहलगाम हमले के मास्टरमाइंड सैफुल्लाह कसूरी की भारत को गीदड़भभकी

22 अप्रैल 2025 को पाकिस्तान समर्थित आतंकवादियों द्वारा घाटी के लोकप्रिय पर्यटन स्थल पहलगाम में 26 निर्दोष नागरिकों की हत्या ने देश भर में आक्रोश बढ़ा दिया। इसका प्रतिकार करते हुए भारत ने ऑपरेशन सिंदूर नामक सैन्य अभियान मई के आरंभ में अंजाम दिया, जिसमें पाकिस्तान में स्थित आतंकवादी ठिकानों और जैश-ए-मोहम्मद / लश्कर-ए-तैयबा की छिपी हुई तंत्रिकाओं को निशाना बनाया गया।

सैफुल्लाह कसूरी की धमकी

हाल ही में सामने आए वीडियो में सैफुल्लाह कसूरी ने फिर से भारत के प्रति कड़ी और आक्रामक भाषा अपनाई है। उसकी मुख्य बातें इस प्रकार हैं:

“वक्त आने वाला है जब यह दरिया (नदियां), ये बांध हमारे होंगे।”

“सारा जम्मू-कश्मीर हमारा होगा।”

“जो कुछ आज हो रहा है, उसका बदला लिया जाएगा; ईंट का जवाब पत्थर से दिया जाएगा।”

“हम अपनी जानों पर खेलेंगे और अपने वतन के हर हिस्से की रक्षा करेंगे।”

“हम वतन-ए-अज़ीज़ के इंच-इंच, जर्रे-जर्रे का तहफ़्फ़ुज़ (सुरक्षा) और दिफ़ा (रक्षा) करेंगे।”

यह वीडियो बहावलपुर (पाकिस्तान) स्थित जैश-ए-मोहम्मद के मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम का है, जिसे बताया जा रहा है कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान बड़े पैमाने पर प्रभावित किया गया था।

कौन है सैफुल्लाह कसूरी (सैफुल्लाह खालिद)

इन बिंदुओं से उसकी पृष्ठभूमि और संदिग्ध गतिविधियां कुछ इस प्रकार हैं:

कसूरी, जिसे “सैफुल्लाह खालिद” के नाम से भी जाना जाता है, लश्कर-ए-तैयबा (LeT) का डिप्टी चीफ है और TRF (The Resistance Front) सहित उससे जुड़े संगठनों के साथ उसका प्रभावी संबंध है। खुफिया रिपोर्टों के अनुसार, TRF और LeT के अन्य कमांडरों के साथ मिलकर उसने पहले से ही कश्मीर में हमले की योजना बनाई थी। उसके संबंध पाकिस्तान की गुप्त एजेंसियों (ISI) और संभवतः पाकिस्तान आर्मी से होने की संभावनाएँ जताई गई हैं। एक समाचार में कहा गया है कि उसके भाषण और कार्यक्रमों के आयोजन में सैनिक एजेंसियों की भागीदारी पाई गई है।

ऑपरेशन सिंदूर — क्या हुआ था और क्या असर पड़ा

ऑपरेशन सिंदूर 7 मई 2025 को शुरू किया गया था, जिसमें भारत ने बताया कि उसने पाकिस्तान और पाक-प्रशासित कश्मीर में लगभग 9 आतंकी ठिकानों को प्रभावित किया तथा महत्वपूर्ण सैन्य बेसों को निशाना बनाया गया। पाकिस्तान के उपप्रधानमंत्री इशाक दार ने स्वीकार किया कि इस ऑपरेशन के दौरान नूर खान एयरबेस (Rawalpindi) और शोर्कोट एयरबेस पर भी हमले हुए थे। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि इस कार्रवाई से पाकिस्तान “घुटनों पर आ गया” और यह कि किसी भी आगे के आतंकवादी हमले का “भारी कीमत” आएगी।

भारतीय प्रतिक्रिया और सतर्कता

इन धमकियों के बाद भारत की सुरक्षा एजेंसियों में अलर्ट बढ़ गया है — सीमा पर सतर्कता बढ़ाई गई है, आतंकवादी खुफिया तंत्रों की निगरानी और साझा सूचना तंत्रों को मजबूत किया गया है। राजनीतिक स्तर पर यह संदेश दिया गया है कि भारत किसी भी चुनौती का जवाब देने के लिए तैयार है और किसी भी प्रकार की उकसावे या跨-सीमा गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं करेगा।

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