राजनीति

प्रफुल्ल पटेल और शरद पवार की मुलाकात के बाद तेज हुई सियासी हलचल: विलय और महायुति के समीकरणों पर अटकलें

प्रफुल्ल पटेल और शरद पवार की मुलाकात के बाद तेज हुई सियासी हलचल: विलय और महायुति के समीकरणों पर अटकलें

​मुंबई:

​महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बड़े बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP – शरदचंद्र पवार) के राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद पवार की तबीयत खराब होने के बाद उन्हें मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हालांकि, डॉक्टरों के मुताबिक उनकी स्थिति अब पूरी तरह से स्थिर है। अस्पताल में भर्ती रहने के दौरान ही पिछले 48 घंटों में घटे राजनीतिक घटनाक्रमों ने राज्य के सियासी माहौल को पूरी तरह गरमा दिया है।

​सबसे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने टेलीफोन पर शरद पवार का हालचाल जाना। सूत्रों के अनुसार, बातचीत के दौरान पीएम मोदी ने पवार से अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखने और आराम करने की सलाह दी। इसके तुरंत बाद, बुधवार को एनसीपी के कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल पहुंचे और शरद पवार के साथ बंद कमरे में लंबे समय तक बातचीत की।

​प्रफुल्ल पटेल-शरद पवार मुलाकात के अहम बिंदु

​यद्यपि प्रफुल्ल पटेल ने इस मुलाकात को महज एक सौजन्य भेंट और स्वास्थ्य संबंधी जानकारी लेने की बात कही है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसके कई मायने निकाले जा रहे हैं।

​अमित शाह के साथ बैठक पर सवाल: सूत्रों के मुताबिक, शरद पवार ने प्रफुल्ल पटेल से हाल ही में नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ हुई उनकी बैठक को लेकर विस्तृत जानकारी मांगी। पवार ने जानना चाहा कि उस बैठक में किन मुख्य विषयों और रणनीतिक मुद्दों पर चर्चा हुई थी।

​10 नवंबर के बाद अगली बैठक: प्रफुल्ल पटेल ने स्वीकार किया कि इस दौरान सामान्य राजनीतिक विषयों पर बात हुई है और दोनों नेताओं के बीच 10 नवंबर के बाद फिर से एक विस्तृत बैठक होने की संभावना है।

​अन्य नेताओं की आवाजाही: प्रफुल्ल पटेल के अलावा महाराष्ट्र के मंत्री छगन भुजबल और कांग्रेस विधायक विश्वजीत कदम ने भी अस्पताल पहुंचकर शरद पवार से मुलाकात की है।

​गृह मंत्री से मुलाकात और एनसीपी के आंतरिक समीकरण

​1 नवंबर को प्रफुल्ल पटेल ने एनसीपी (अजित पवार गुट) के अन्य प्रमुख नेताओं के साथ नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी। गौरतलब है कि इस मुलाकात के दौरान उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार और उनके पुत्र पार्थ पवार मौजूद नहीं थे।

​खबरों के मुताबिक, इस बैठक में महायुति सरकार के भीतर वित्त मंत्रालय का प्रभार वापस एनसीपी गुट को सौंपने तथा संगठन के आंतरिक कामकाज और नेतृत्व की स्थिति पर विचार-विमर्श हुआ था। इसके पश्चात 3 नवंबर को प्रफुल्ल पटेल, छगन भुजबल और दिलीप वलसे पाटिल ने पार्टी की कोर कमेटी को इस संबंध में ब्रीफिंग भी दी थी।

​विलय की अटकलें और भविष्य की राजनीति

​वर्ष 2023 में अजित पवार के नेतृत्व में हुई बगावत के बाद एनसीपी दो गुटों में बंट गई थी। अब सुनेत्रा पवार द्वारा पार्टी की कमान संभाले जाने के बीच, प्रफुल्ल पटेल की शरद पवार से अस्पताल में हुई इस मुलाकात ने दोनों गुटों के संभावित पुनर्मिलन या नए राजनीतिक गठजोड़ की अटकलों को तेज कर दिया है।

​यद्यपि आधिकारिक स्तर पर दोनों ही पक्षों ने विलय की खबरों को खारिज किया है, लेकिन 10 नवंबर के बाद प्रस्तावित अगली मुलाकात को देखते हुए राजनीतिक विश्लेषक इसे महाराष्ट्र की भावी राजनीति का एक महत्वपूर्ण मोड़ मान रहे हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *