जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस में आंतरिक कलह थमी, फारूक और उमर अब्दुल्ला के साथ बैठक के बाद विधायक एकजुट
जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस में आंतरिक कलह थमी, फारूक और उमर अब्दुल्ला के साथ बैठक के बाद विधायक एकजुट
श्रीनगर:
जम्मू-कश्मीर की सत्तारूढ़ नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) में पिछले एक सप्ताह से चल रहा असंतोष फिलहाल खत्म होता नजर आ रहा है। पार्टी के नाराज विधायकों और शीर्ष नेतृत्व के बीच करीब दो घंटे चली अहम बैठक के बाद पार्टी में एकजुटता का संदेश दिया गया है। वरिष्ठ नेता फारूक अब्दुल्ला और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने नाराज विधायकों की शिकायतें सुनीं और उनकी चिंताओं पर गंभीरता से काम करने का भरोसा दिलाया है।
बैठक के बाद फारूक अब्दुल्ला ने पार्टी में किसी भी तरह की टूट की अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि एनसी पूरी तरह एकजुट है और जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा व विशेष अधिकार दिलाने की लड़ाई जारी रखेगी। वहीं, कैबिनेट फेरबदल और कार्यशैली के खिलाफ मुखर रहे अब्दुल माजिद लारमी और वरिष्ठ विधायक मुबारक गुल समेत अन्य असंतुष्ट नेताओं ने पार्टी छोड़ने की बात को नकारते हुए नेतृत्व के प्रति अपनी पूरी निष्ठा जताई है।
इससे पहले पार्टी के 41 में से करीब 18 विधायक सरकार और संगठन के कामकाज में बदलाव की मांग कर रहे थे। नाराज विधायकों ने मुख्यमंत्री के सलाहकार नासिर असलम वानी को हटाने और उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी से पीडब्ल्यूडी (PWD) का प्रभार वापस लेकर आरोपों की जांच कराने की मांग उठाई थी। इसके साथ ही उन्होंने गैर-प्रदर्शनकारी मंत्रियों को बदलने, आंतरिक लोकतंत्र मजबूत करने और चुनाव घोषणापत्र को सख्ती से लागू करने पर जोर दिया है। नेतृत्व के हस्तक्षेप से फिलहाल विवाद शांत हो गया है, लेकिन पार्टी के सामने सुधार और जवाबदेही सुनिश्चित करने की बड़ी चुनौती बनी हुई है।

