धामी सरकार के बड़े ऐलान: 10 लाख पेंशनधारकों के खातों में पहुंचे ₹148 करोड़, पत्रकारों की पेंशन भी बढ़ेगी
धामी सरकार के बड़े ऐलान: 10 लाख पेंशनधारकों के खातों में पहुंचे ₹148 करोड़, पत्रकारों की पेंशन भी बढ़ेगी
उत्तराखंड में विकास कार्यों के लिए ₹42.78 करोड़ मंजूर, मान्यता प्राप्त पत्रकारों की संख्या बढ़ाने का ऐलान; राज्य आंदोलन के जननायक रणजीत सिंह वर्मा पर आधारित पुस्तक का विमोचन
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को जनकल्याण, विकास और पत्रकारों के हितों से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले लिए। मुख्यमंत्री ने समाज कल्याण विभाग की विभिन्न पेंशन योजनाओं के तहत प्रदेश के 9 लाख 99 हजार 484 लाभार्थियों के बैंक खातों में अक्टूबर 2026 की पेंशन के रूप में ₹148.18 करोड़ से अधिक की धनराशि हस्तांतरित की। इसके अलावा प्रदेश के विभिन्न जनपदों में विकास कार्यों के लिए ₹42.78 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की।
वहीं, देहरादून में उत्तरांचल प्रेस क्लब के दीपावली महोत्सव में मुख्यमंत्री ने पत्रकारों के हित में दो बड़ी घोषणाएं कीं। उन्होंने तहसील, जिला और प्रदेश स्तर पर मान्यता प्राप्त पत्रकारों की संख्या बढ़ाने के साथ पत्रकारों की पेंशन राशि में भी वृद्धि करने का ऐलान किया। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड राज्य आंदोलन के अग्रणी सेनानी स्व. रणजीत सिंह वर्मा के जीवन पर आधारित पुस्तक का विमोचन कर उनके योगदान को याद किया।
10 लाख पेंशनधारकों के खातों में पहुंचे ₹148.18 करोड़
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान डीबीटी के माध्यम से अक्टूबर 2026 की पेंशन राशि लाभार्थियों के बैंक खातों में हस्तांतरित की। इस दौरान कुल 9,99,484 लाभार्थियों को ₹148 करोड़ 18 लाख 84 हजार 500 की धनराशि भेजी गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार समाज के कमजोर, वंचित और जरूरतमंद वर्गों के सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तीकरण के लिए लगातार काम कर रही है। वृद्धावस्था, विधवा और दिव्यांग पेंशन सहित विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के माध्यम से पात्र लोगों को आर्थिक सहायता दी जा रही है।
पेंशन वितरण के आंकड़ों के अनुसार, वृद्धावस्था पेंशन के 6 लाख 24 हजार 616 लाभार्थियों को ₹93.69 करोड़, विधवा पेंशन के 2 लाख 39 हजार 527 लाभार्थियों को ₹35.93 करोड़ और दिव्यांग पेंशन के 89 हजार 971 लाभार्थियों को ₹13.50 करोड़ हस्तांतरित किए गए।
इसके अलावा किसान पेंशन के 27,092, परित्यक्ता पेंशन के 8,442, भरण-पोषण अनुदान के 7,461, तीलू रौतेली पेंशन के 2,248 और बौना पेंशन के 127 लाभार्थियों को भी धनराशि का भुगतान किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि डीबीटी व्यवस्था से पेंशन की राशि सीधे लाभार्थियों के खातों में पहुंच रही है, जिससे पारदर्शिता बढ़ी है और भुगतान में देरी की संभावना कम हुई है। उन्होंने यह भी बताया कि लगभग 7 हजार लाभार्थियों को विशेष प्रावधानों के तहत आधार कार्ड के अभाव में भी पेंशन का लाभ दिया जा रहा है।
विकास कार्यों के लिए ₹42.78 करोड़ की मंजूरी
मुख्यमंत्री ने प्रदेश के विभिन्न जनपदों में सड़क, सिंचाई, आवास, मंदिरों के सौंदर्यीकरण और अन्य विकास कार्यों के लिए ₹42.78 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है। इसमें कुंभ मेला-2027 के तहत छह मार्गों के निर्माण के लिए ₹26.27 करोड़ भी शामिल हैं।
पिथौरागढ़ के डीडीहाट क्षेत्र के ग्राम पंचायत द्योगली में सीसी मार्ग, खड़ंजा और सुरक्षात्मक कार्यों के लिए ₹1 करोड़ मंजूर किए गए हैं। धारचूला के मदकोट क्षेत्र में मदाकिनी पुल से ग्राम सभा राप्ती तक पैदल अश्व मार्ग के निर्माण के लिए ₹29.84 लाख की स्वीकृति दी गई है।
टिहरी जनपद के देवप्रयाग विधानसभा क्षेत्र में मंदिरों के सौंदर्यीकरण के लिए ₹1.67 करोड़, कीर्तिनगर के डागर शिवालय के सौंदर्यीकरण के लिए ₹39.94 लाख और बडोला गांव के उरमण तोक स्थित बिन्सर देवता मंदिर के सौंदर्यीकरण एवं इंटरलॉकिंग टाइल्स निर्माण के लिए ₹36.19 लाख स्वीकृत किए गए हैं।
इसके अलावा चंपावत में सिंचाई गूल निर्माण के लिए ₹95.01 लाख और तारकेश्वर एवं सीता कुंड के सौंदर्यीकरण के लिए ₹98.47 लाख मंजूर किए गए हैं।
उत्तरकाशी के लदाड़ी फायर स्टेशन में टाइप-द्वितीय के 12 आवासों के निर्माण के लिए ₹7.94 करोड़, अल्मोड़ा के सोमेश्वर क्षेत्र में सिंचाई गूल निर्माण के लिए ₹1.63 करोड़ और बागेश्वर के कपकोट विधानसभा क्षेत्र में रंगदेव मोटर मार्ग के सुधारीकरण के लिए ₹1.28 करोड़ की स्वीकृति दी गई है।
सरकार का कहना है कि इन कार्यों से प्रदेश में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार होगा। साथ ही आवागमन, सिंचाई, आवास और धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों के विकास को गति मिलेगी।
पत्रकारों की मान्यता और पेंशन बढ़ाने का ऐलान
देहरादून में उत्तरांचल प्रेस क्लब की ओर से आयोजित दीपावली महोत्सव में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पत्रकारों के हित में दो महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में तहसील, जिला और राज्य स्तर पर मान्यता प्राप्त पत्रकारों की संख्या बढ़ाई जाएगी। इसके साथ ही पत्रकार पेंशन की राशि में भी वृद्धि की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पत्रकारिता लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है और समाज तथा सरकार के बीच संवाद का महत्वपूर्ण माध्यम है। पत्रकार जनता की समस्याओं और अपेक्षाओं को सरकार तक पहुंचाने के साथ सरकारी योजनाओं एवं नीतियों की जानकारी भी लोगों तक पहुंचाते हैं।
उन्होंने कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म और सोशल मीडिया के दौर में फेक न्यूज तथा भ्रामक सूचनाएं बड़ी चुनौती बनकर सामने आई हैं। ऐसे में तथ्यों की पुष्टि कर सही और निष्पक्ष जानकारी जनता तक पहुंचाना पत्रकारों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार पत्रकार कल्याण कोष की धनराशि पहले ही 5 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 10 करोड़ रुपये कर चुकी है। पत्रकारों की सुरक्षा, स्वास्थ्य बीमा, आकस्मिक सहायता और आवासीय सुविधाओं को लेकर भी सरकार लगातार प्रयास कर रही है।
रणजीत सिंह वर्मा के संघर्ष पर आधारित पुस्तक का विमोचन
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आईआरडीटी सभागार, सर्वे चौक, देहरादून में उत्तराखंड राज्य आंदोलन के अग्रणी सेनानी एवं जननायक स्व. रणजीत सिंह वर्मा के जीवन पर आधारित पुस्तक का विमोचन किया।
‘रणजीत सिंह वर्मा : उत्तराखण्ड राज्य आंदोलन की निर्णायक लड़ाई के एक जननायक’ नामक इस पुस्तक के माध्यम से उनके संघर्ष और राज्य निर्माण में योगदान को सामने लाया गया है।
मुख्यमंत्री ने स्व. रणजीत सिंह वर्मा को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि यह पुस्तक केवल एक जननायक की जीवनगाथा नहीं, बल्कि उत्तराखंड राज्य आंदोलन के संघर्ष और संकल्प का महत्वपूर्ण दस्तावेज है। उन्होंने पुस्तक के लेखन में योगदान देने वाले वरिष्ठ साहित्यकार गंभीर सिंह पालनी और अजय वर्मा की सराहना की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्व. रणजीत सिंह वर्मा ने उत्तराखंड संयुक्त संघर्ष समिति के देहरादून जनपद अध्यक्ष के रूप में आंदोलन को मजबूती देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उन्होंने विभिन्न संगठनों और आंदोलनकारियों को एक मंच पर लाकर पृथक राज्य की मांग को व्यापक जनसमर्थन दिलाने का काम किया।
उन्होंने बताया कि स्व. रणजीत सिंह वर्मा अविभाजित उत्तर प्रदेश की मसूरी विधानसभा सीट से दो बार विधायक रहे। हालांकि, उत्तराखंड राज्य गठन के बाद उन्होंने चुनाव नहीं लड़ा और सामाजिक कार्यों में सक्रिय रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 9 नवंबर 2000 को उत्तराखंड देश के 27वें राज्य के रूप में अस्तित्व में आया। इसके पीछे असंख्य आंदोलनकारियों का संघर्ष और बलिदान रहा है। उनके सपनों के अनुरूप विकसित और समृद्ध उत्तराखंड का निर्माण करना ही सभी आंदोलनकारियों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, हंस फाउंडेशन की संस्थापक माता मंगला, वरिष्ठ साहित्यकार गंभीर सिंह पालनी, अजय वर्मा सहित राज्य आंदोलनकारी और अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।

