आजम खान को सुप्रीम कोर्ट से नहीं मिली राहत, ED गिरफ्तारी का मामला इलाहाबाद हाई कोर्ट ट्रांसफर
आजम खान को सुप्रीम कोर्ट से नहीं मिली राहत, ED गिरफ्तारी का मामला इलाहाबाद हाई कोर्ट ट्रांसफर
समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री मोहम्मद आजम खान को प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा दर्ज मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने ED की गिरफ्तारी और जमानत याचिका पर सीधे हस्तक्षेप करने से इनकार करते हुए इस मामले को इलाहाबाद हाई कोर्ट स्थानांतरित कर दिया है।
प्रधान न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची की पीठ ने निर्देश दिया कि दिवाली की छुट्टियों के बाद हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच 16 नवंबर 2026 को इस याचिका पर सुनवाई करे और आजम खान की अंतरिम जमानत/राहत की मांग पर आदेश पारित करे।
कोर्ट में हुई मुख्य बहस:
कपिल सिब्बल की दलील: आजम खान की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने अदालत के समक्ष तर्क दिया कि यह विशुद्ध रूप से राजनीतिक प्रताड़ना (pure persecution) का मामला है। उन्होंने कहा कि अन्य मामलों (जैसे डुअल पैन कार्ड केस) में जमानत मिलने के ठीक बाद, रामपुर जेल के बाहर से ही ED ने उन्हें एक नई ECIR के तहत दोबारा गिरफ्तार कर लिया। सिब्बल ने कोर्ट को बताया कि 80 वर्ष की उम्र में उनके खिलाफ दर्जनों मामले लादे जा रहे हैं, ताकि वह चुनाव के दौरान जेल में ही रहें।
सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी: CJI सूर्यकांत ने सिब्बल से कहा कि उनकी दलीलों में कुछ दम हो सकता है, लेकिन सुप्रीम कोर्ट सीधे हाई कोर्ट को दरकिनार (bypass) नहीं करना चाहता। पीठ ने मामले के गुण-दोष पर कोई राय व्यक्त किए बिना रिकॉर्ड 2 दिनों के भीतर इलाहाबाद हाई कोर्ट भेजने का आदेश दिया।

