धर्म

कार्यों में बार-बार आ रही हैं रुकावटें? भगवान गणेश से जुड़े ये आसान उपाय दूर करेंगे हर बाधा

कार्यों में बार-बार आ रही हैं रुकावटें? भगवान गणेश से जुड़े ये आसान उपाय दूर करेंगे हर बाधा

​किसी भी जरूरी काम को लेकर पूरी तैयारी और कड़ी मेहनत करने के बावजूद यदि ऐन मौके पर कोई अड़चन आ जाए, तो ज्योतिष शास्त्र में इसके पीछे ग्रहों की स्थिति और अन्य कारणों को जिम्मेदार माना जाता है। ऐसी समस्याओं से निपटने के लिए हिंदू धर्म में भगवान गणेश की आराधना को विशेष महत्व दिया गया है। उन्हें ‘विघ्नहर्ता’ यानी सभी बाधाओं को दूर करने वाला माना जाता है। गणपति की आराधना के साथ कुछ आसान उपाय करने से कार्यों में आ रही रुकावटों से राहत मिल सकती है:

​1. दूर्वा से करें शुरुआत

​गणेश पूजा में दूर्वा (घास) का विशेष महत्व माना गया है।

​नियम: बुधवार के दिन सुबह स्नान करने के बाद भगवान गणेश की विधि-विधान से पूजा करें और उन्हें 21 दूर्वा अर्पित करें।

​मंत्र: इस दौरान ‘ॐ गं गणपतये नमः’ मंत्र का जाप करना फलदायी होता है। मान्यता है कि नियमित रूप से गणपति को दूर्वा चढ़انے से कार्यों में आने वाले विघ्न कम होते हैं।

​2. भोग में शामिल करें ये चीजें

​गणेश जी को प्रसन्न करने के लिए महंगे भोग की आवश्यकता नहीं होती। मोदक के अलावा गुड़ और धनिया भी उन्हें अर्पित किया जा सकता है।

​महत्व: ज्योतिष शास्त्र में बुध ग्रह को बुद्धि, वाणी और व्यापार से जोड़ा गया है, और गणेश जी को बुध ग्रह का स्वामी माना जाता है। विशेष तौर पर बुधवार को पूजा के बाद श्रद्धा से इनका भोग लगाएं।

​3. आंकड़े की जड़ का उपाय

​घर में सकारात्मक माहौल बनाए रखने और नकारात्मक ऊर्जा से बचाव के लिए आंकड़े की जड़ (मंदार) से जुड़ा उपाय कारगर माना जाता है।

​इसे घर के मुख्य द्वार के पास रखा जा सकता है। मान्यता है कि इससे नकारात्मक ऊर्जा और नजर दोष से बचाव होता है। गणेश जी की पूजा के साथ इस उपाय को भी पूरी श्रद्धा से किया जा सकता है।

​4. शमी पत्र का उपाय

​यदि किसी कार्य में बार-बार देरी हो रही है, तो गणपति पूजा में शमी पत्र को जरूर शामिल करें।

​ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, शमी का संबंध शनि ग्रह से बताया गया है। पूजा के दौरान शमी पत्र भगवान गणेश को अर्पित करें और अपने काम में सफलता तथा बाधाओं से मुक्ति की प्रार्थना करें।

​(डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।)

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *