सेमीकॉन इंडिया 2026 का शुभारंभ: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली में किया उद्घाटन, भारत में कमर्शियल चिप मैन्युफैक्चरिंग पर बढ़ा फोकस
सेमीकॉन इंडिया 2026 का शुभारंभ: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली में किया उद्घाटन, भारत में कमर्शियल चिप मैन्युफैक्चरिंग पर बढ़ा फोकस
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली के ‘यशोभूमि’ में तीन दिवसीय ‘सेमीकॉन इंडिया 2026’ का भव्य उद्घाटन कर दिया है। 17 से 19 सितंबर तक चलने वाले इस ग्लोबल इवेंट की थीम ‘Silicon to Systems: Building the Ecosystem’ रखी गई है, जिसमें 52 देशों की सैकड़ों कंपनियां, स्टार्टअप्स, 400 से ज्यादा एग्जीक्यूटिव्स और स्पीकर्स हिस्सा ले रहे हैं।
उद्घाटन और प्रधानमंत्री के संबोधन के मुख्य बिंदु:
नीतियों से मैन्युफैक्चरिंग पर शिफ्ट: प्रधानमंत्री ने बताया कि 2021 में शुरू हुए सेमीकॉन के पहले संस्करण में जहां नीतियों पर चर्चा हुई थी, वहीं इस साल हमारा फोकस पूरी तरह से कमर्शियल चिप मैन्युफैक्चरिंग पर शिफ्ट हो गया है। भारत ने अपने सेमीकंडक्टर मिशन के दूसरे फेज (फेज 2) की शुरुआत कर दी है, जिसके तहत बजट का दायरा बढ़ाकर 13.5 बिलियन डॉलर कर दिया गया है।
दो नई यूनिट्स का उद्घाटन: पीएम मोदी ने गुजरात के सूरत स्थित ‘सूची सेमीकॉन’ और पंजाब के मोहाली स्थित ‘CDIL’ का उद्घाटन किया। इसके साथ ही अब देश में कमर्शियल चिप मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स की संख्या बढ़कर 5 हो गई है। ये यूनिट्स विशेष तौर पर ईवी (EV) और घरेलू उपकरणों के लिए चिप्स का निर्माण करेंगी।
सप्लाई चेन और पावर इंफ्रास्ट्रक्चर: भारत ने ग्लोबल सप्लाई चेन को मजबूत करने के लिए कई रिफॉर्म किए हैं। इसके अलावा, एआई (AI) और चिप मैन्युफैक्चरिंग के लिए लगातार बढ़ रही बिजली की मांग को देखते हुए भारत ने पावर सेक्टर में बड़े पैमाने पर निवेश किया है। देश की सोलर पावर कैपेसिटी 2 गीगावॉट से बढ़कर 160 गीगावॉट से अधिक हो चुकी है।
सेमीकॉन 2.0 के 6 मुख्य पिलर्स:
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने जानकारी दी कि सेमीकॉन 2.0 मुख्य रूप से 6 पिलर्स पर टिका है:
चिप (Chip)
मशीनरी (Machinery)
डिस्प्ले और मेमोरी कंपोनेंट (Display & Memory Components)
एडवांस पैकेजिंग यूनिट (Advanced Packaging Units)
रिसर्च और डेवलपमेंट (R&D)
टैलेंट (Talent)
इस इवेंट के दौरान भारत में सेमीकंडक्टर सेक्टर के लिए 5 बिलियन डॉलर के नए निवेश की घोषणा भी की गई है, जिससे देश में रोजगार के बड़े अवसर पैदा होंगे और एक लाख प्रशिक्षित टैलेंट तैयार किया जाएगा। इस ग्लोबल इवेंट के जरिए भारत ग्लोबल सेमीकंडक्टर हब बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
