कफ सिरप की अवैध बिक्री और नशे के इस्तेमाल पर नकेल: सरकार ने सख्त किए नियम, रिटेल दुकानों पर सीसीटीवी अनिवार्य
कफ सिरप की अवैध बिक्री और नशे के इस्तेमाल पर नकेल: सरकार ने सख्त किए नियम, रिटेल दुकानों पर सीसीटीवी अनिवार्य
देश में कफ सिरप के नशे के रूप में हो रहे गलत इस्तेमाल और इसकी बड़े पैमाने पर हो रही तस्करी को रोकने के लिए सरकार ने कफ सिरप की बिक्री के नियमों को बेहद सख्त कर दिया है। सरकार द्वारा ‘ड्रग्स रूल्स, 1945’ में बड़े बदलाव का प्रस्ताव किया गया है, जिसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि खांसी की सिरप जैसी दवाएं बिना डॉक्टर के पर्चे (प्रिस्क्रिप्शन) के न बेची जा सकें। साथ ही, अक्सर वयस्कों (बड़ों) के लिए बनी खांसी की सिरप बच्चों को दे दिए जाने की प्रवृत्ति पर भी रोक लगाने की योजना है।
नए नियमों और प्रावधानों से जुड़ी मुख्य बातें:
डॉक्टर के पर्चे की अनिवार्यता: सरकार उन दवाओं की बिक्री पर लगाम कस रही है जो नियमतः डॉक्टर के पर्चे पर बिकनी चाहिए, लेकिन खुलेआम ओवर-द-काउंटर (OTC) बिना पर्ची के बेच दी जाती हैं।
लाइसेंसी रिटेल दुकानों पर सीसीटीवी अनिवार्य: सरकार के प्रस्ताव के तहत अब लाइसेंस प्राप्त सभी रिटेल मेडिकल स्टोरों पर सीसीटीवी लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। इन दुकानों को पर्चे वाली दवाओं की बिक्री की सीसीटीवी रिकॉर्डिंग 3 महीने तक सुरक्षित रखनी होगी। हालांकि, इस नियम को अभी थोक (होलसेल) बिक्री पर लागू नहीं किया गया है।
30 दिन का समय: ‘ड्रग्स रूल्स, 1945’ में किए गए इन संशोधनों के ड्राफ्ट पर आम जनता, जानकारों और स्टेकहोल्डर्स से आपत्तियां और सुझाव मांगने के लिए 30 दिन का समय दिया गया है। सरकार का कहना है कि इस बदलाव का मकसद दवा वितरण प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाना है।
कफ सिरप की तस्करी और यूपी एसटीएफ की बड़ी कार्रवाई:
गौरतलब है कि देश में अवैध कोडीन कफ सिरप का काला कारोबार बड़े पैमाने पर चल रहा है। बीते 3 सितंबर को उत्तर प्रदेश में एसटीएफ ने कोडीन कफ सिरप की तस्करी के खिलाफ एक बहुत बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया था:
बांदा में बड़ी बरामदगी: यूपी एसटीएफ ने बांदा जिले में छापेमारी कर 4 बदमाशों को गिरफ्तार किया और उनके कब्जे से करीब 3 करोड़ रुपये की कीमत की 30,000 शीशियां अवैध कोडीन कफ सिरप बरामद कीं।
गिरफ्तार तस्कर: इस मामले में बांदा निवासी धीरेंद्र कुमार, अतर्रा निवासी प्रवीण कुमार उर्फ लकी और रोहित पांडेय, तथा हापुड़ निवासी शेखर सिंह की गिरफ्तारी हुई थी।
अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश: जांच में सामने आया था कि यह एक अंतरराज्यीय गिरोह है, जो दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ से अवैध कफ सिरप की खेप लाकर उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और मध्य प्रदेश जैसे विभिन्न राज्यों में सप्लाई करता था। इसी प्रकार के अवैध नेटवर्क और दुरुपयोग को पूरी तरह समाप्त करने के लिए अब केंद्र सरकार ने कानूनी शिकंजा कसना शुरू कर दिया है।
