मां नंदा राजजात: वाण से गैरोली पातल और वेदनी के लिए रवाना हुई मां नंदा की डोली, उमड़े श्रद्धालु
मां नंदा राजजात: वाण से गैरोली पातल और वेदनी के लिए रवाना हुई मां नंदा की डोली, उमड़े श्रद्धालु
उत्तराखंड की प्रसिद्ध और आस्था के प्रतीक मां नंदा की राजजात यात्रा का एक और भावुक और महत्वपूर्ण पड़ाव शुरू हो गया है। मां नंदा की डोली पारंपरिक रीति-रिवाजों, जागरों और मांगल गीतों के बीच वाण से गैरोली पातल होते हुए वेदनी के लिए रवाना हो गई है। डोली के प्रस्थान के समय पूरा क्षेत्र मां नंदा के जयकारों से गूंज उठा और श्रद्धालुओं की नम आंखें व उत्साह इस ऐतिहासिक यात्रा के प्रति उनकी गहरी आस्था को बयां कर रहे थे।
यात्रा से जुड़े प्रमुख आकर्षण और विवरण:
भव्य विदाई और डोली प्रस्थान: वाण से प्रस्थान के दौरान स्थानीय ग्रामीणों और श्रद्धालुओं ने पूरी श्रद्धा के साथ मां नंदा की डोली को अगले पड़ाव के लिए विदाई दी। इस दौरान पारंपरिक वाद्ययंत्रों की धुन और लोक संस्कृति की अनूठी छटा देखने को मिली।
विशाल भागीदारी: इस राजजात में 40 से अधिक छंतोलियों के साथ-साथ सैकड़ों देव निशान और देश-विदेश से पहुंचे बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए हैं, जिनके मन में मां नंदा के प्रति असीम उत्साह और श्रद्धा का भाव है।
प्रशासनिक मौजूदगी और पूजा-अर्चना: मां नंदा की डोली के प्रस्थान के समय जिलाधिकारी गौरव कुमार ने विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और यात्रा के सकुशल संपन्न होने की कामना की। इसके अलावा जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार ने यात्रा मार्ग व पड़ावों पर सुरक्षा और श्रद्धालुओं की सुविधाओं का जायजा लिया।
विशेष निर्देश और अपील: जिला प्रशासन ने अधिकारियों को आगामी पड़ावों पर भी सुरक्षा और व्यवस्थाओं की निरंतर निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। साथ ही श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि पर्वतीय मौसम और दुर्गम मार्गों को ध्यान में रखते हुए वे पूरी सावधानी बरतें और प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करें।
