सुबह उठते ही कमर में अकड़न और खिंचाव: जानिए इसके कारण, बचाव और राहत पाने के आसान उपाय
सुबह उठते ही कमर में अकड़न और खिंचाव: जानिए इसके कारण, बचाव और राहत पाने के आसान उपाय
सुबह बिस्तर से उठते समय अगर कमर सीधी करने में परेशानी होती है या झुकने पर खिंचाव महसूस होता है, तो इसे केवल सामान्य थकान समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। हालांकि यह एक आम समस्या है, लेकिन बार-बार होना किसी बड़ी परेशानी का संकेत भी हो सकता है।
कमर अकड़ने के प्रमुख कारण:
लंबे समय तक बैठे रहना: दफ्तर में लगातार घंटों कुर्सी पर बैठना या घर पर लंबे समय तक मोबाइल चलाना कमर की मांसपेशियों पर दबाव बढ़ाता है। एक ही स्थिति में रहने से कमर और कूल्हों की मांसपेशियां ठीक से काम नहीं कर पातीं।
गलत पोस्चर (बैठने का तरीका): कुर्सी पर बैठते समय लगातार आगे की ओर झुकना या कमर को सहारा न देना शरीर की बनावट पर असर डालता है। इसके अलावा, बहुत देर तक खड़े रहना या अचानक भारी सामान उठाना भी खिंचाव पैदा करता है।
सोने का गलत तरीका: रातभर शरीर का ऐसी स्थिति में रहना जिससे मांसपेशियों पर दबाव पड़े, सुबह की अकड़न का कारण बनता है।
शारीरिक गतिविधियों की कमी: कम चलना-फिरना शरीर का लचीलापन और ताकत दोनों को प्रभावित करता है।
राहत पाने और बचाव के उपाय:
हल्की गर्म सिकाई: कमर अकड़ने पर हल्की गर्म सिकाई करने से मांसपेशियों को आराम मिलता है।
हल्का चलना-फिरना: लंबे समय तक बिस्तर पर लेटे रहने के बजाय अपनी क्षमता के अनुसार थोड़ा टहलना बेहतर होता है। हल्के खिंचाव वाले व्यायाम भी मदद करते हैं, बशर्ते उनसे दर्द न बढ़े।
लगातार बैठने से बचें: काम के दौरान बीच-बीच में उठकर कुछ कदम चलें और बैठते समय अपनी कमर को सही सहारा दें।
नियमित कसरत: रोजाना हल्की कसरत और टहलने को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं।
डॉक्टर से कब संपर्क करें?
हर बार कमर की अकड़न सामान्य नहीं होती। यदि दर्द बहुत ज्यादा है, बार-बार लौटकर आता है या कई हफ्तों तक बना रहता है, तो इसे नजरअंदाज किए बिना डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।
