आर्टिकल 370 हटाने के 7 साल: रेल नेटवर्क, आय और सुरक्षा में जम्मू-कश्मीर के बड़े बदलाव
आर्टिकल 370 हटाने के 7 साल: रेल नेटवर्क, आय और सुरक्षा में जम्मू-कश्मीर के बड़े बदलाव
5 अगस्त 2019 को अनुच्छेद 370 और 35A को निरस्त किए जाने के ठीक सात साल पूरे होने पर जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा, बुनियादी ढांचे, अर्थव्यवस्था और पर्यटन के आंकड़ों में स्पष्ट बदलाव दिख रहे हैं। केंद्र सरकार विकास और शांति को उपलब्धियों के रूप में पेश कर रही है, जबकि स्थानीय राजनीतिक दल राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग पर जोर दे रहे हैं।
सुरक्षा स्थिति में गिरावट
आतंकवादी घटनाओं में तेज कमी दर्ज की गई है। 2018 में आतंकी घटनाएं 228 थीं, जो 2025 में घटकर 12 रह गईं। 2022 में 151 घटनाएं हुईं, जो 2025 में 35 रह गईं (करीब 77% गिरावट)। पत्थरबाजी की घटनाओं में लगभग 90% की कमी बताई जा रही है। नागरिक और सुरक्षाबलों की मौतों में भी उल्लेखनीय गिरावट आई है। 2026 में अब तक की घटनाएं सीमित रहीं।
रेल और सड़क कनेक्टिविटी
सबसे बड़ा बदलाव रेल नेटवर्क में आया। 272 किलोमीटर लंबी उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लाइन 2025 में पूरी हो गई। इसमें दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे आर्क ब्रिज (चिनाब ब्रिज) शामिल है। अप्रैल 2026 से जम्मू-श्रीनगर वंदे भारत सेवा शुरू हुई, जिससे यात्रा समय पांच घंटे से कम रह गया। सामान (सेब, सीमेंट आदि) और यात्री दोनों के लिए ऑल-वेदर कनेक्टिविटी मिली है।
सड़कों पर भी काम तेज हुआ। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 21,400 किलोमीटर से अधिक सड़कें बनीं। सैकड़ों पुल पूरे हुए या निर्माणाधीन हैं।
प्रति व्यक्ति आय और अर्थव्यवस्था
जम्मू-कश्मीर आर्थिक सर्वे 2025-26 के अनुसार, 2019-20 से 2024-25 के बीच प्रति व्यक्ति आय की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (CAGR) 8.81% रही। यह हिमाचल प्रदेश, दिल्ली, पंजाब, चंडीगढ़ और हरियाणा से अधिक है। 2025-26 में प्रति व्यक्ति आय करीब 1,68,248 रुपये अनुमानित है (दशक में लगभग 170% वृद्धि)। अर्थव्यवस्था का आकार (नॉमिनल GSDP) करीब 2.86 लाख करोड़ रुपये आंका गया है।
निवेश में तेजी आई। वित्त वर्ष 2025-26 के पहले नौ महीनों में 5,260 करोड़ रुपये का निवेश आया। 2019 के बाद 1,984 औद्योगिक इकाइयां शुरू हुईं, जिनमें 9,606 करोड़ रुपये का निवेश और 63,710 रोजगार जुड़े। स्टार्टअप्स की संख्या 2020 में 69 से बढ़कर 2025 के अंत तक 1,255 हो गई।
पर्यटन में उछाल
2020 में पर्यटक संख्या 25 लाख के आसपास थी, जो 2024 में 2.35-2.36 करोड़ तक पहुंच गई। 2025 में पहलगाम आतंकी हमले के बाद यह घटकर करीब 1.7-1.78 करोड़ रह गई, लेकिन रिकवरी जारी है। पर्यटन GSDP में करीब 7% योगदान देता है और लाखों लोगों को रोजगार देता है।
अन्य बदलाव और चुनौतियां
महिलाओं के अधिकार मजबूत हुए—बाहर शादी करने पर प्रॉपर्टी/रेसिडेंसी अधिकार नहीं छिनते। केंद्रीय कानून लागू हुए। AIIMS जम्मू चालू हो गया। शिक्षा, स्वास्थ्य और स्थानीय निकायों में भागीदारी बढ़ी। 2024 में विधानसभा चुनाव हुए और निर्वाचित सरकार बनी, लेकिन राज्य का दर्जा अभी बहाल नहीं हुआ है। केंद्र ने इसे उचित समय पर बहाल करने का आश्वासन दोहराया है।
विपक्षी दल (नेशनल कॉन्फ्रेंस, पीडीपी, कांग्रेस) 5 अगस्त को ‘ब्लैक डे’ मानते हुए राज्य का दर्जा और कुछ मामलों में 370 की बहाली की मांग कर रहे हैं। भाजपा विकास और एकीकरण को उपलब्धियों के रूप में पेश कर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे ‘निर्णायक नया अध्याय’ बताया और इंफ्रास्ट्रक्चर, शिक्षा, स्वास्थ्य व उद्यमिता में विस्तार का जिक्र किया।
कुल मिलाकर, सुरक्षा और कनेक्टिविटी में सुधार स्पष्ट है, अर्थव्यवस्था और पर्यटन में प्रगति दिख रही है, लेकिन राज्य का दर्जा और राजनीतिक मांगें अभी भी चर्चा के केंद्र में हैं।
