इंग्लैंड के तेज गेंदबाज मार्क वुड ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को कहा अलविदा, दो बार के विश्व कप विजेता रहे हैं अहम हिस्सा
इंग्लैंड के तेज गेंदबाज मार्क वुड ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को कहा अलविदा, दो बार के विश्व कप विजेता रहे हैं अहम हिस्सा
इंग्लैंड के विस्फोटक और अनुभवी तेज गेंदबाज मार्क वुड ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने का ऐलान कर दिया है। अपनी तेज रफ्तार गेंदबाजी और जुझारू रवैये के लिए पहचाने जाने वाले 36 वर्षीय वुड इंग्लैंड की दो बार विश्व कप जीतने वाली ऐतिहासिक टीमों (2019 वनडे और 2022 टी20) का अहम हिस्सा रहे हैं।
मार्क वुड का शानदार अंतरराष्ट्रीय करियर
साल 2015 में लॉर्ड्स के मैदान पर न्यूजीलैंड के खिलाफ अपना अंतरराष्ट्रीय डेब्यू करने वाले वुड का करियर चोटों से जूझने के बावजूद यादगार रहा है:
टेस्ट क्रिकेट: 38 मैचों में 19 विकेट।
वनडे क्रिकेट: 70 मुकाबलों में 80 विकेट।
टी20 अंतरराष्ट्रीय: 38 मैचों में 54 विकेट।
करियर की मुख्य उपलब्धियां और यादगार पल
विश्व कप विजेता: वुड 2019 में इंग्लैंड की वनडे विश्व कप विजेता टीम का हिस्सा थे, जहां उन्होंने टूर्नामेंट में 18 विकेट चटकाए थे। फाइनल में मांसपेशियों में खिंचाव के बावजूद उन्होंने पूरी रफ्तार से गेंदबाजी की थी। इसके अलावा, वह जोस बटलर की कप्तानी में 2022 का टी20 विश्व कप जीतने वाली टीम में भी शामिल थे।
एशेज में शानदार प्रदर्शन: उन्होंने चार एशेज सीरीज में हिस्सा लिया। साल 2015 में अपनी पहली सीरीज के दौरान ट्रेंट ब्रिज में उन्होंने ट्रॉफी वापस पाने के लिए निर्णायक विकेट लिया था। वहीं, 2023 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हेडिंग्ले में उनके घातक स्पेल ने इंग्लैंड को 2-0 से पिछड़ने के बाद वापसी करने और सीरीज ड्रॉ कराने में मदद की थी।
संन्यास की घोषणा और मेडिकल कारण
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘इंस्टाग्राम’ पर अपने संन्यास की घोषणा करते हुए मार्क वुड ने लिखा, “मैंने इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास लेने का फैसला किया है। मेडिकल सलाह के अनुसार, अब टेस्ट क्रिकेट और 50 ओवर का क्रिकेट खेलना संभव नहीं है, इसलिए पिछले एक साल में इंग्लैंड के लिए खेलने का सपना धीरे-धीरे मुझसे दूर होता गया।” उन्होंने इंग्लैंड के लिए खेलने को अपने जीवन का सबसे बड़ा सम्मान और बचपन का सपना सच होने जैसा बताया।
क्रिकेट जगत की प्रतिक्रियाएं
इंग्लैंड पुरुष क्रिकेट टीम के मैनेजिंग डायरेक्टर रॉब की ने वुड के संन्यास पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “एक शानदार करियर के आखिरी दौर को देखना सम्मान की बात रही है। एशेज सीरीज और दो वर्ल्ड कप जीत में अहम भूमिका निभाना और जब भी उनके हाथ में गेंद आई तो दर्शकों का रोमांच बढ़ाना—ऐसी उपलब्धियां बहुत कम खिलाड़ी हासिल कर पाते हैं। वे अपने इस शानदार करियर पर गर्व कर सकते हैं।”
