पाकिस्तान के आतंकवाद विरोधी दावों पर भारत का दो टूक जवाब: “कार्रवाई जमीन पर नजर आनी चाहिए”
पाकिस्तान के आतंकवाद विरोधी दावों पर भारत का दो टूक जवाब: “कार्रवाई जमीन पर नजर आनी चाहिए”
पाकिस्तान के सेना प्रमुख द्वारा आतंकवाद को हराने के संकल्प वाले दावे पर भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने स्पष्ट किया है कि पाकिस्तान को अपने दावों को साबित करने के लिए जमीन पर ठोस और विश्वसनीय कदम उठाने होंगे। भारत का यह रुख पाकिस्तान की कथनी और करनी के पुराने अंतर को उजागर करता है।
विदेश मंत्रालय की प्रेस ब्रीफिंग के मुख्य बिंदु
सीमा पार आतंकवाद पर भारत की दो टूक: विदेश मंत्रालय ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ पाकिस्तान के वादों पर दुनिया तभी भरोसा करेगी जब उसकी कार्रवाई कागजों की बजाय जमीन पर दिखाई देगी।
अफगानिस्तान पर पाकिस्तानी एयरस्ट्राइक की निंदा: भारत ने अफगानिस्तान के कुनार और पक्तिका प्रांतों में पाकिस्तान द्वारा की गई एयरस्ट्राइक की कड़ी निंदा की है। इसे एक संप्रभु पड़ोसी देश के खिलाफ आक्रामकता करार देते हुए क्षेत्रीय शांति के लिए खतरा बताया गया है। हमलों में मारे गए नागरिकों के प्रति संवेदना जताते हुए भारत ने अफगानिस्तान की स्वतंत्रता, संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का पूर्ण समर्थन किया है।
रूस-यूक्रेन युद्ध पर भारत का रुख: विदेश मंत्री एस. जयशंकर और यूक्रेन के विदेश मंत्री की मुलाकात का जिक्र करते हुए विदेश मंत्रालय ने दोहराया कि इस संघर्ष का समाधान केवल कूटनीति और संवाद के जरिए ही संभव है। भारत दोनों देशों के संपर्क में है और शांति बहाल के लिए हरसंभव योगदान देने को तैयार है।
भारत-जापान संबंध: जापान की सत्तारूढ़ लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी (LDP) के प्रतिनिधिमंडल (नेतृत्व: तारो कोनो) और भारतीय विदेश सचिव के बीच बैठक हुई। इसमें दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों, आर्थिक सुरक्षा साझेदारी और रक्षा सहयोग को और मजबूत करने पर चर्चा की गई।
