भारतीय वायुसेना का महाकुंभ: जोधपुर में 26 सितंबर से शुरू होगा बहुपक्षीय एयर एक्सरसाइज ‘तरंग शक्ति 2026’
भारतीय वायुसेना का महाकुंभ: जोधपुर में 26 सितंबर से शुरू होगा बहुपक्षीय एयर एक्सरसाइज ‘तरंग शक्ति 2026’
भारतीय वायुसेना (IAF) द्वारा आयोजित देश के सबसे बड़े मल्टीनेशनल एयर एक्सरसाइज ‘तरंग शक्ति 2026’ का आयोजन 26 सितंबर से 12 अक्टूबर तक राजस्थान के जोधपुर एयर फोर्स स्टेशन पर किया जाएगा। इस बहुपक्षीय युद्धाभ्यास में भारत समेत दुनिया के कई प्रमुख देश हिस्सा ले रहे हैं।
भाग लेने वाले देश और प्रमुख विमान
प्रतिभागी देश: इस अभ्यास में भारत के अलावा ऑस्ट्रेलिया, बांग्लादेश, फ्रांस, जर्मनी, श्रीलंका और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की एयरफोर्स शामिल हो रही हैं। इसके अलावा, 30 से अधिक देश ऑब्जर्वर (पर्यवेक्षक) के रूप में इसमें शामिल हो सकते हैं।
अमेरिकी F-35 की पहली सैन्य भागीदारी: ‘तरंग शक्ति 2026′ की सबसे बड़ी खासियत अमेरिकी F-35 पांचवीं पीढ़ी के स्टील्थ फाइटर की भागीदारी होगी। हालांकि यह विमान पहले एयरो इंडिया (2023 और 2025) में आ चुका है, लेकिन किसी भारतीय सैन्य अभ्यास में इसका ऑपरेशनल रूप से हिस्सा लेना पहली बार होगा।
अन्य प्रमुख विमान:
यूएई: अपने छह F-16 फाइटर एयरक्राफ्ट के साथ भाग ले रहा है।
जर्मनी: A400M ट्रांसपोर्ट विमान के साथ शामिल होगा।
फ्रांस: राफेल लड़ाकू विमानों और दो MRTT (एयर-टू-एयर रिफ्यूलर) के साथ अहम भूमिका निभाएगा।
भारतीय वायुसेना: भारत की ओर से स्वदेशी Tejas, Su-30MKI और Rafale जैसे प्रमुख लड़ाकू विमान इस महाअभ्यास का हिस्सा बनेंगे।
अभ्यास के मुख्य उद्देश्य और रणनीतिक महत्व
आधुनिक हवाई युद्ध का अनुभव: F-35 केवल अपनी स्टील्थ क्षमता के लिए नहीं, बल्कि अपने उन्नत सेंसर, डेटा फ्यूजन और नेटवर्क-केंद्रित युद्ध क्षमताओं के लिए जाना जाता है। इसके साथ अभ्यास करने से भारतीय वायुसेना को आधुनिक एयर कॉम्बैट और मिशन प्लानिंग का व्यावहारिक अनुभव मिलेगा, जो भारत की पांचवीं पीढ़ी की स्वदेशी लड़ाकू विमान परियोजना (AMCA) के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण है।
इंटरऑपरेबिलिटी (पारस्परिकता) बढ़ाना: इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य विभिन्न देशों की वायुसेनाओं के बीच तालमेल और ऑपरेशनल क्षमता को मजबूत करना है। इसमें AWACS, एयर डिफेंस सिस्टम, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर और ड्रोन जैसी क्षमताएं भी अहम भूमिका निभाएंगी।
रेगिस्तानी माहौल में ऑपरेशन: जोधपुर एयरबेस का पश्चिमी रेगिस्तानी क्षेत्र विदेशी वायुसेनाओं को बड़े पैमाने पर संयुक्त सैन्य अभियानों का अनूठा अनुभव प्रदान करेगा।
’तरंग शक्ति’ का विस्तार और अन्य सैन्य अभ्यास
विस्तार: ‘तरंग शक्ति’ का पहला संस्करण 2024 में आयोजित हुआ था। 2026 का यह दूसरा संस्करण इसे केवल द्विपक्षीय प्रशिक्षण से आगे बढ़ाकर एक बड़े बहुपक्षीय एयर ऑपरेशन के मंच के रूप में स्थापित करता है।
भारत-अमेरिका ‘युद्ध अभ्यास 2026’: इस समय भारत और अमेरिका के बीच 22वां संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘युद्ध अभ्यास 2026’ भी 15 सितंबर से 28 सितंबर तक चल रहा है, जो पहली बार राजस्थान के रेगिस्तान और उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों जैसे दो अलग-अलग ऑपरेशनल थिएटरों में एक साथ आयोजित किया जा रहा है।
26 सितंबर से 12 अक्टूबर तक जोधपुर का आसमान दुनिया के सबसे आधुनिक लड़ाकू विमानों की गर्जना का गवाह बनेगा, जो वैश्विक रक्षा कूटनीति और भारतीय वायुसेना की बढ़ती ताकत का प्रतीक है।
