उधम सिंह नगर: किच्छा और सिरौली कलां निकाय चुनाव के बाद स्ट्रॉन्ग रूम के पास विवाद, कांग्रेस नेताओं ने जताया कड़ा विरोध
उधम सिंह नगर: किच्छा और सिरौली कलां निकाय चुनाव के बाद स्ट्रॉन्ग रूम के पास विवाद, कांग्रेस नेताओं ने जताया कड़ा विरोध
उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले के अंतर्गत आने वाली किच्छा नगर पालिका और सिरौली कलां नगर पंचायत के लिए मतदान प्रक्रिया संपन्न होने के बाद स्ट्रॉन्ग रूम में मतपेटियों को रखे जाने को लेकर भारी राजनीतिक बवाल खड़ा हो गया है। मतदान के बाद स्थानीय विधायक और विपक्षी समर्थकों के आमने-सामने आने के बाद से राज्य की राजनीति गरमा गई है।
विवाद और प्रमुख घटनाक्रम
आमने-सामने आए समर्थक: मतदान संपन्न होने के बाद जब मतपेटियों को स्ट्रॉन्ग रूम में लाया जा रहा था, तब स्थानीय कांग्रेसी विधायक तिलक राज बेहड़ और पूर्व विधायक राजेश शुक्ला के समर्थक आपस में आमने-सामने आ गए, जिससे वहां तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई।
कांग्रेस नेताओं के आरोप: कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि स्ट्रॉन्ग रूम के मुआयने के दौरान किच्छा विधायक तिलक राज बेहड़ और पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ हाथापाई व दुर्व्यवहार किया गया।
कांग्रेस का तीखा रुख और चुनाव आयोग को पत्र
घटना के बाद कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई है:
गणेश गोदियाल (प्रदेश अध्यक्ष): उत्तराखंड कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने इस पूरे घटनाक्रम को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग को औपचारिक पत्र भेजा है। पत्र में उन्होंने किच्छा में चुनावी प्रक्रिया के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं और विधायक की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठाए हैं तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। साथ ही, प्रत्याशियों और राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं के लिए पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा है।
हरीश रावत (पूर्व मुख्यमंत्री): पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने इस घटना की तीखी निंदा की है। उन्होंने तीखे तेवर अपनाते हुए सवाल उठाया कि क्या अब चुनाव जोर-जबरदस्ती से जीते जाएंगे? उन्होंने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ पार्टी हार के डर से इस तरह की हरकतों पर उतर आई है और पुलिस की मौजूदगी में इस प्रकार की घटनाएं होना लोकतंत्र के लिए एक स्वस्थ संकेत नहीं है। उन्होंने चुनाव आयोग से इस मामले का तत्काल संज्ञान लेने की मांग की है।
स्थानीय स्तर पर उपजे इस तनाव के बाद प्रशासन और पुलिस बल पूरी तरह मुस्तैद है, ताकि मतगणना और चुनावी प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराई जा सके।
