संसद में गतिरोध दूर करने की पहल: किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी से की मुलाकात, परिसीमन बिल पर मांगा सहयोग
संसद में गतिरोध दूर करने की पहल: किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी से की मुलाकात, परिसीमन बिल पर मांगा सहयोग
नई दिल्ली: पिछले एक सप्ताह से अधिक समय से संसद के मानसून सत्र में जारी हंगामे और गतिरोध को समाप्त करने के लिए केंद्र सरकार ने पहल की है। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी से उनके कक्ष में मुलाकात की। लगभग 50 मिनट तक चली इस बैठक में प्रियंका गांधी वाड्रा भी मौजूद रहीं।
1. परिसीमन व महिला आरक्षण बिल पर मांगा सहयोग
विधेयक पर चर्चा: रिजिजू ने आगामी ‘परिसीमन और महिला आरक्षण संविधान संशोधन विधेयक’ को पारित कराने में कांग्रेस और विपक्षी दलों का सहयोग मांगा।
विधेयक का मुख्य प्रावधान: इस प्रस्तावित संविधान संशोधन विधेयक में लोकसभा और विधानसभा सीटों में 50% की बढ़ोतरी तथा आगामी लोकसभा चुनाव से 33% महिला आरक्षण लागू करने का प्रावधान है।
2. विपक्ष की शर्त: ‘गृह मंत्री के बयान के बिना सदन नहीं चलेगा’
राहुल गांधी का स्पष्ट रुख: कांग्रेस सूत्रों के अनुसार, राहुल गांधी ने किरेन रिजिजू से साफ शब्दों में कहा कि ‘चंदा चोरी’ और जंतर-मंतर पर ‘छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई’ के मुद्दों पर गृह मंत्री अमित शाह के बयान के बिना सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से नहीं चलने दी जाएगी।
केसी वेणुगोपाल का बयान: कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने आरोप लगाया कि रिजिजू प्रधानमंत्री के एजेंडे के साथ आए थे, लेकिन विपक्ष इन दो प्रमुख मांगों पर चर्चा की मांग पर अडिग है।
3. सियासी समीकरण और सरकार के पास विकल्प
बदले राजनीतिक समीकरण: परिसीमन बिल पर पहले विरोध जताने वाली डीएमके (DMK) के अब बिल का समर्थन करने के संकेत हैं, क्योंकि सरकार इसमें सभी राज्यों की सीटें मौजूदा अनुपात में ही 50% बढ़ाने का लिखित आश्वासन दे सकती है।
सरकार की रणनीति: मानसून सत्र में अब केवल 6 दिन शेष बचे हैं। ऐसे में सरकार के पास विकल्प है कि वह या तो सत्र के अंतिम सप्ताह में हंगामे के बीच विधेयक पेश करे या 15 अगस्त के अवकाश के बाद सत्र की अवधि को आगे बढ़ाए।
