Thursday, August 6, 2026
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इजरायल-हमास संघर्ष: ट्रम्प के ‘पीस बोर्ड’ ड्राफ्ट पर विवाद, नेतन्याहू ने रखीं शर्तें और हमास की अपनी मांगें  

इजरायल-हमास संघर्ष: ट्रम्प के ‘पीस बोर्ड’ ड्राफ्ट पर विवाद, नेतन्याहू ने रखीं शर्तें और हमास की अपनी मांगें  

​यरूशलम/वाशिंगटन: इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने साफ कर दिया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के ‘पीस बोर्ड’ (Board of Peace) द्वारा तैयार किए गए गाजा शांति व निरस्त्रीकरण ड्राफ्ट पर इजरायल की पूरी सहमति नहीं है। नेतन्याहू ने कहा कि जब तक हमास पूरी तरह से हथियार नहीं डाल देता, तब तक इजरायली सेना गाजा में अपनी मौजूदा सैन्य स्थितियों से एक कदम भी पीछे नहीं हटेगी।

​1. नेतन्याहू का रुख: “यह हमारा ड्राफ्ट नहीं, हमने अपने सुझाव भेजे हैं”

​सेना की वापसी पर अडिग: नेतन्याहू ने एक वीडियो संदेश जारी कर कहा कि व्हाइट हाउस और पीस बोर्ड की ओर से भेजा गया मसौदा इजरायल का ड्राफ्ट नहीं था। इजरायल ने अपने संशोधन और सुझाव वापस अमेरिकी पक्ष को भेजे हैं।

​सुरक्षा प्राथमिक शर्त: नेतन्याहू ने कहा कि इजरायली सुरक्षा बलों (IDF) को नागरिकों की सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं। जब तक हमास का पूर्ण निरस्त्रीकरण (Disarmament) सुनिश्चित नहीं हो जाता, तब तक सैन्य वापसी का सवाल ही नहीं उठता।

​2. ट्रम्प की ‘पीस बोर्ड’ योजना और हमास की प्रतिक्रिया

​शांति योजना का ढांचा: अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प की पहल पर बने ‘पीस बोर्ड’ ने गाजा में स्थायी शांति, हमास के निरस्त्रीकरण और वहां की शासन व्यवस्था के पुनर्गठन के लिए रोडमैप तैयार किया है।

​हमास की पूर्व शर्तें: हमास ने रोडमैप के अगले चरण पर सहमति जताई है, लेकिन उसकी मांग है कि इजरायल पहले पूरी तरह से सैन्य हमले रोके, गाजा से अपनी सेना वापस बुलाए और पुनर्निर्माण प्रक्रिया शुरू करे।

​3. संक्रमणकालीन ‘राष्ट्रीय समिति’ (National Committee) का खाका

​अंतरराष्ट्रीय रोडमैप के तहत गाजा के भावी शासन के लिए निम्नलिखित प्रावधान किए गए हैं:

​प्रशासन का हस्तांतरण: हमास नागरिक और सैन्य दोनों तरह के शासन छोड़ने पर सहमत हुआ है।

​स्वतंत्र निकाय का गठन: गाजा का प्रबंधन एक अस्थायी स्वतंत्र ‘राष्ट्रीय समिति’ को सौंपा जाएगा।

​नागरिक व सुरक्षा सेवाएं: यह समिति संक्रमणकाल में गाजा की अंदरूनी सुरक्षा, बुनियादी सुविधाओं, कानून-व्यवस्था और वित्तीय मामलों के ऑडिट की जिम्मेदारी संभालेगी।

​4. मध्यस्थ देशों की निंदा और क्षेत्रीय तनाव

​गाजा में हालिया हमलों में नागरिकों और बच्चों की मौत पर मध्यस्थ देश—कतर, मिस्र और तुर्की—ने एक संयुक्त बयान जारी कर कड़ा विरोध दर्ज कराया है। इन देशों का कहना है कि सैन्य हमलों से शांति वार्ताओं पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है।

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