मेलबर्न में गरजे पीएम मोदी: “आतंकी ठिकानों पर हुए प्रहार की गूंज अब पूरी दुनिया सुन रही है”
मेलबर्न में गरजे पीएम मोदी: “आतंकी ठिकानों पर हुए प्रहार की गूंज अब पूरी दुनिया सुन रही है”
मेलबर्न: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न में भारतीय समुदाय के करीब 30 हजार लोगों को संबोधित करते हुए नए भारत की बढ़ती वैश्विक ताकत, आतंकवाद के खिलाफ सख्त नीति और भारत-ऑस्ट्रेलिया रणनीतिक साझेदारी पर एक बेहद शक्तिशाली संदेश दिया। पीएम मोदी ने अपने संबोधन में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सफलता और यूरेनियम डील का विशेष रूप से उल्लेख करते हुए नए भारत की महत्वाकांक्षी तस्वीर दुनिया के सामने रखी।
पीएम मोदी के संबोधन की 15 बड़ी बातें:
ऑपरेशन सिंदूर की गूंज: पीएम मोदी ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान आतंकी ठिकानों पर हुए हमलों की गूंज केवल पड़ोसी देशों तक सीमित नहीं रही, बल्कि पूरी दुनिया ने इसे महसूस किया।
आतंकवाद पर बदला रुख: आज का भारत आतंकवाद को कतई बर्दाश्त नहीं करता। देश की सुरक्षा के साथ अब किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।
दुनिया का भरोसेमंद साथी: वैश्विक संकटों और प्राकृतिक आपदाओं के समय भारत ने हमेशा एक जिम्मेदार देश की भूमिका निभाई है, जिससे दुनिया का भरोसा भारत पर बढ़ा है।
पासपोर्ट देखकर मदद नहीं करता भारत: मानवीय सहायता का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा कि तुर्की, सीरिया या म्यांमार जैसे देशों में राहत देते समय भारत कभी किसी की राष्ट्रीयता या पासपोर्ट का रंग नहीं देखता।
टॉप-3 अर्थव्यवस्थाओं में होगा शामिल: 140 करोड़ भारतीयों के सामूहिक प्रयास से भारत आने वाले वर्षों में दुनिया की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में अपनी जगह बना लेगा।
गगनयान और स्पेस स्टेशन: चंद्रयान-3 की ऐतिहासिक सफलता के बाद अब देश गगनयान मिशन की तैयारी कर रहा है और भविष्य में अपना खुद का स्पेस स्टेशन बनाने के लक्ष्य पर काम कर रहा है।
चंद्रयान-3 की सफलता: भारत चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव (South Pole) के पास सफलतापूर्वक उतरने वाला दुनिया का पहला देश बनकर तकनीकी क्षमता का लोहा मनवा चुका है।
दूसरा सबसे बड़ा 5G बाजार: तकनीकी क्षेत्र में भारत ने रिकॉर्ड समय में 5G नेटवर्क का विस्तार किया है और आज वह दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा 5G मार्केट बन चुका है।
6G टेक्नोलॉजी पर काम: भारत केवल वर्तमान तक सीमित नहीं है, बल्कि भविष्य की जरूरतों के लिए 6G जैसी अगली पीढ़ी की तकनीकों के विकास में भारी निवेश कर रहा है।
सुशासन से आसान हुई जिंदगी: डिजीलॉकर और सेल्फ-अटेस्टेशन जैसी डिजिटल सुविधाओं ने सरकारी कागजी कार्रवाई की लंबी कतारों को खत्म कर नागरिकों की जिंदगी आसान बनाई है।
’नागरिक देवो भव’ मंत्र: देश में शासन का मूल सिद्धांत अब ‘नागरिक देवो भव’ है, जहां सरकार की हर नीति के केंद्र में आम नागरिकों का कल्याण है।
चिप्स से लेकर जहाज तक निर्माण: भारत आज एक मजबूत मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम तैयार कर रहा है, जहां सेमीकंडक्टर चिप्स से लेकर इलेक्ट्रॉनिक्स और रक्षा उपकरणों का निर्माण तेजी से हो रहा है।
जीप से जहाज तक आत्मनिर्भरता: आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत देश अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ा रहा है और वैश्विक सप्लाई चेन में एक महत्वपूर्ण हिस्सेदार बन रहा है।
ऑस्ट्रेलिया दौरे की ‘हैट्रिक’: पिछले 12 वर्षों में अपने तीसरे ऑस्ट्रेलिया दौरे को पीएम मोदी ने अपनी “हैट्रिक” बताते हुए कहा कि दोनों देशों के रिश्ते नई ऊंचाइयों पर हैं।
”दूध में चीनी की तरह हैं भारतीय”: प्रवासी भारतीयों की सराहना करते हुए पीएम मोदी ने कहा, “हम भारतीय दूध में चीनी की तरह हैं, जहां जाते हैं वहां मिठास घोल देते हैं।” उन्होंने ऑस्ट्रेलिया में भारतीय संस्कृति और त्योहारों को जीवंत रखने के लिए प्रवासियों को धन्यवाद दिया।
मेलबर्न से दुनिया को संदेश
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन से यह साफ कर दिया कि आज का भारत केवल तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था ही नहीं, बल्कि अंतरिक्ष, रक्षा, तकनीक, नवाचार और मानवीय मूल्यों के मामले में भी वैश्विक नेतृत्व (Global Leadership) की ओर मजबूती से कदम बढ़ा रहा है।
