Wednesday, July 8, 2026
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उत्तराखंड

बद्रीनाथ मंदिर चढ़ावा चोरी कांड: “जांच कमेटी पर भरोसा नहीं, विपक्ष के नेता को बनाया जाए प्रमुख” — कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल का बड़ा बयान

बद्रीनाथ मंदिर चढ़ावा चोरी कांड: “जांच कमेटी पर भरोसा नहीं, विपक्ष के नेता को बनाया जाए प्रमुख” — कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल का बड़ा बयान

​देहरादून: उत्तराखंड के चमोली में स्थित सनातन धर्म के पवित्र स्थलों में से एक, बद्रीनाथ मंदिर में दान और चढ़ावे की चोरी का मामला अब पूरी तरह से राजनीतिक रूप ले चुका है। अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के विवाद के बीच बद्रीनाथ मंदिर की कथित अनियमितताओं पर सोशल मीडिया पर उठे सवालों के बाद अब उत्तराखंड कांग्रेस ने धामी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कांग्रेस ने सरकार द्वारा गठित जांच समिति पर अविश्वास जताते हुए एक नई मांग सामने रखी है।

​”विपक्ष के नेता की अगुवाई में बने सर्वदलीय समिति” — गणेश गोदियाल

​उत्तराखंड कांग्रेस के अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने धामी सरकार पर मामले को दबाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि सरकार इस मामले की वैसी निष्पक्ष जांच नहीं कर रही है जैसी असल में होनी चाहिए। गोदियाल ने मांग की है कि:

​इस संवेदनशील मामले की जांच के लिए विपक्ष के नेता (Leader of Opposition) की अध्यक्षता में एक सर्वदलीय समिति का गठन किया जाए।

​जांच में शामिल सभी सदस्य राजनीति से ऊपर उठकर भगवान बद्रीनाथ के नाम पर पारदर्शी जांच की शपथ लें।

​कांग्रेस अध्यक्ष ने ‘अंकिता भंडारी हत्याकांड’ का जिक्र करते हुए सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस तरह उस मामले में एसआईटी (SIT) ने सबूतों को छिपाने का काम किया था, यह कमेटी भी वही करेगी। इसी वजह से उन्हें सरकार की तीन सदस्यीय उच्च-स्तरीय समिति पर रत्ती भर भी भरोसा नहीं है।

​मुख्यमंत्री धामी की चेतावनी: “चढ़ावे में गड़बड़ी गो-हत्या के बराबर पाप”

​इससे पहले इस गंभीर विवाद पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का बड़ा बयान सामने आया था। हरिद्वार में एक कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने इस कथित घोटाले की कड़े शब्दों में निंदा की थी। सीएम धामी ने कहा था कि:

​अगर बद्रीनाथ मंदिर के दान में कोई भी गड़बड़ी पाई जाती है, तो यह गो-हत्या या अपने ही माता-पिता की हत्या करने जैसे महापाप के बराबर है।

​ऐसे कृत्य को किसी भी कीमत पर माफ नहीं किया जा सकता और कानून पूरी सख्ती से अपना काम करेगा।

​मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं को भरोसा दिलाया कि इस मामले की जांच के लिए कमेटी बना दी गई है और पुलिस ने भी अपनी शुरुआती कार्रवाई शुरू कर दी है। जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसे किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।

​कैसे शुरू हुआ पूरा विवाद?

​चार धाम यात्रा के दौरान बद्रीनाथ मंदिर में चढ़ावे और दानपात्र से जुड़ी अनियमितताओं के कई दावे सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे। इन आरोपों के बाद बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस में एफआईआर (FIR) दर्ज कराई। इसके बाद धामी सरकार ने मामले की विस्तृत और व्यापक जांच के लिए तीन सदस्यीय उच्च-स्तरीय समिति का गठन किया था, जिस पर अब विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है।

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