कर्नाटक राज्यसभा चुनाव: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे समेत चारों उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित; वोटिंग से पहले ही फैसला
कर्नाटक राज्यसभा चुनाव: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे समेत चारों उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित; वोटिंग से पहले ही फैसला
कर्नाटक से राज्यसभा चुनाव को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे समेत सभी चार उम्मीदवारों को बृहस्पतिवार को संसद के उच्च सदन के लिए निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया गया है। मैदान में केवल चार वैध उम्मीदवार बचने के कारण 18 जून को होने वाले मतदान की नौबत ही नहीं आई और निर्वाचन अधिकारियों ने सभी को विजयी घोषित कर दिया।
25 जून को खत्म हो रहा है मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल
कर्नाटक से राज्यसभा के चार मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल आगामी 25 जून को समाप्त हो रहा है, जिसके चलते इन रिक्त सीटों को भरने के लिए चुनाव की घोषणा की गई थी। जिन सदस्यों का कार्यकाल पूरा हो रहा है उनमें शामिल हैं:
मल्लिकार्जुन खरगे (कांग्रेस)
एच.डी. देवेगौड़ा (जनता दल-सेक्युलर)
इरन्ना कडाडी (भाजपा)
नारायण कोरागाप्पा (भाजपा)
इनमें से कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे एक बार फिर से संसद के उच्च सदन (राज्यसभा) में कर्नाटक का प्रतिनिधित्व करने के लिए मैदान में उतरे थे।
नवनिर्वाचित राज्यसभा सदस्यों की सूची
नामांकन वापसी की समयसीमा खत्म होने के बाद जिन चार नेताओं को निर्विरोध विजेता घोषित किया गया है, उनके नाम इस प्रकार हैं:
मल्लिकार्जुन खरगे – राष्ट्रीय अध्यक्ष, कांग्रेस
मंसूर अली खान – राष्ट्रीय सचिव, कांग्रेस
पवन खेड़ा – अध्यक्ष (मीडिया और प्रचार विभाग), कांग्रेस
एम. नागराज – उम्मीदवार, भारतीय जनता पार्टी (BJP)
निर्दलीय प्रत्याशी का पर्चा खारिज होने से साफ हुआ रास्ता
चुनावी प्रक्रिया के तहत सोमवार (नामांकन की आखिरी तारीख) तक कुल पांच उम्मीदवारों ने अपने पर्चे दाखिल किए थे। तय कार्यक्रम के मुताबिक, कर्नाटक विधानसभा के सदस्यों (विधायकों) को 18 जून को बेंगलुरु के विधान सौध में वोट डालना था।
हालांकि, नामांकन पत्रों की जांच (स्क्रूटनी) के दौरान चुनाव अधिकारियों ने एक निर्दलीय उम्मीदवार का नामांकन पत्र तकनीकी खामियों के चलते रद्द कर दिया। इसके बाद बृहस्पतिवार को उम्मीदवारी वापस लेने की आखिरी समयसीमा समाप्त होने तक मैदान में केवल चार ही प्रत्याशी बचे, जिसके बाद प्रशासन ने सभी को निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर जीत का प्रमाण पत्र सौंप दिया।
