बिहार विधान परिषद चुनाव: भोजपुरी सुपरस्टार पवन सिंह और नीतीश कुमार के बेटे निशांत समेत NDA के 9 प्रत्याशी निर्विरोध चुने गए, RJD को मिली 1 सीट
बिहार विधान परिषद चुनाव: भोजपुरी सुपरस्टार पवन सिंह और नीतीश कुमार के बेटे निशांत समेत NDA के 9 प्रत्याशी निर्विरोध चुने गए, RJD को मिली 1 सीट
बिहार विधान परिषद की कुल 10 सीटों (9 द्विवार्षिक चुनाव और 1 उपचुनाव) पर हुए दलीय समीकरणों के तहत सभी प्रत्याशी निर्विरोध चुन लिए गए हैं। नामांकन वापसी की समयसीमा खत्म होने के बाद विधानसभा सचिवालय ने सभी विजयी उम्मीदवारों को आधिकारिक रूप से निर्वाचन प्रमाण पत्र सौंप दिया है। इस चुनाव में सत्ताधारी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने एकतरफा दबदबा बनाते हुए 9 सीटों पर जीत दर्ज की है, जबकि मुख्य विपक्षी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के खाते में केवल 1 सीट आई है।
स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार और सुपरस्टार पवन सिंह बने MLC
इस चुनाव में दो सबसे चर्चित चेहरे एनडीए खेमे से रहे, जो पहली बार सदन पहुंच रहे हैं:
निशांत कुमार (JDU): बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे और सूबे के मौजूदा स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार अब आधिकारिक तौर पर एमएलसी बन गए हैं। वे मार्च 2026 में ही जेडीयू में शामिल हुए थे।
पवन सिंह (BJP): भोजपुरी सिनेमा के सुपर स्टार पवन सिंह भी अब बिहार विधान परिषद के माननीय सदस्य बन गए हैं। पवन सिंह की अनुपस्थिति में उनके छोटे भाई ने विधानसभा सचिवालय पहुंचकर उनका जीत का सर्टिफिकेट प्राप्त किया।
जदयू और भाजपा को मिलीं 4-4 सीटें, चिराग की पार्टी ने रचा इतिहास
एनडीए के भीतर सीटों का गणित बेहद संतुलित रहा:
भाजपा (4 सीटें): बीजेपी ने इस चुनाव में अपनी सीटों की संख्या दो से बढ़ाकर चार कर ली है। पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया सह-प्रभारी संजय मयूख, अनिल ठाकुर, शीला पंडित और पवन सिंह एमएलसी चुने गए हैं।
जदयू (4 सीटें): जेडीयू के खाते में भी 4 सीटें आईं। स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार के अलावा पार्टी प्रवक्ता भारती मेहता (अति पिछड़ा वर्ग), पूर्व महासचिव शिवरानी देवी प्रजापति (ओबीसी वर्ग) और उपचुनाव में ललन सराफ निर्विरोध चुने गए हैं।
लोजपा-रामविलास (1 सीट): केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान की पार्टी के अशरफ अंसारी भी विधान परिषद के लिए चुने गए हैं। लोक जनशक्ति पार्टी के विभाजन (5 साल पहले) के बाद बनी ‘लोजपा-रामविलास’ के इतिहास में विधान परिषद पहुंचने वाले अशरफ अंसारी पहले नेता बन गए हैं।
नीतीश कुमार की सीट पर हुआ उपचुनाव
विधानसभा सचिवालय के अधिकारियों के मुताबिक, सूबे के कद्दावर नेता नीतीश कुमार के राज्यसभा सांसद चुने जाने के बाद उनकी विधान परिषद की सीट खाली हो गई थी। इस 1 खाली सीट पर उपचुनाव कराया गया, जिसमें जेडीयू के ललन सराफ निर्विरोध निर्वाचित घोषित किए गए।
आरजेडी को मिली महज 1 सीट, टिकट न मिलने पर रो पड़े पूर्व विधायक
संख्या बल के हिसाब से राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के हिस्से में सिर्फ 1 सीट आई। लालू प्रसाद यादव की अगुवाई वाली पार्टी ने अपने वरिष्ठ नेता सुनील कुमार सिंह पर भरोसा जताया, जो लगातार तीसरी बार एमएलसी चुने गए हैं।
हालांकि, सुनील कुमार सिंह को दोबारा टिकट दिए जाने से आरजेडी के भीतर अंदरूनी नाराजगी भी खुलकर सामने आई। पार्टी के वरिष्ठ और हाशिए पर चल रहे पूर्व विधायक शिव चंद्र राम एमएलसी का टिकट न मिलने पर कैमरे के सामने रो पड़े और उन्होंने इस्तीफे की घोषणा कर दी थी। हालांकि, बाद में पार्टी आलाकमान ने उनका इस्तीफा नामंजूर कर दिया।
मंत्री दीपक प्रकाश को लेकर NDA में हलचल तेज
एनडीए की इस बंपर जीत के बीच बिहार कैबिनेट और सत्ताधारी गठबंधन में एक तकनीकी पेंच को लेकर हलचल तेज है।
क्या है संकट: राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा के 37 वर्षीय बेटे दीपक प्रकाश वर्तमान में बिहार सरकार में मंत्री हैं। लेकिन वे फिलहाल बिहार के किसी भी सदन (विधानसभा या विधान परिषद) के सदस्य नहीं हैं और न ही उन्हें इस बार एमएलसी का टिकट दिया गया।
इस्तीफे का खतरा: संवैधानिक नियमों के अनुसार, पिछले महीने कैबिनेट मंत्री पद की शपथ लेने के 6 महीने के भीतर उन्हें किसी भी एक सदन की सदस्यता लेनी अनिवार्य है। यदि वे ऐसा करने में विफल रहते हैं, तो उन्हें अपना मंत्री पद छोड़ना पड़ सकता है।
