Friday, June 12, 2026
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टीएमसी संकट में नया मोड़: बागी लिस्ट में नाम आने के बाद पलटे शत्रुघ्न सिन्हा, कहा— “दीदी ‘स्ट्रीट फाइटर’ हैं, बुरे वक्त में ममता का साथ नहीं छोड़ूंगा”

टीएमसी संकट में नया मोड़: बागी लिस्ट में नाम आने के बाद पलटे शत्रुघ्न सिन्हा, कहा— “दीदी ‘स्ट्रीट फाइटर’ हैं, बुरे वक्त में ममता का साथ नहीं छोड़ूंगा”

​तृणमूल कांग्रेस (TMC) में मचे भारी राजनीतिक घमासान और चौतरफा बगावत के बीच ममता बनर्जी के लिए राहत की एक बड़ी खबर आई है। आसनसोल से टीएमसी सांसद और बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता शत्रुघ्न सिन्हा ने पार्टी छोड़ने की तमाम अटकलों पर विराम लगा दिया है। उन्होंने साफ कर दिया है कि वे संकट की इस घड़ी में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ चट्टान की तरह खड़े हैं और किसी भी कीमत पर उनका साथ नहीं छोड़ेंगे।

​”ममता दीदी मेरे बुरे दिनों में साथ थीं, मैं उन्हें अकेला नहीं छोड़ सकता”

​पिछले कुछ दिनों से चल रही सियासी चर्चाओं का जवाब देते हुए शत्रुघ्न सिन्हा ने अपना रुख पूरी तरह स्पष्ट किया। उन्होंने भावुक होते हुए कहा:

​”पिछले कुछ दिनों से मेरे बारे में कई तरह की अफवाहें फैलाई जा रही हैं। कहा जा रहा है कि मैं पार्टी छोड़ रहा हूँ और टीएमसी के बागी (विरोधी) गुट के साथ जा रहा हूँ। लेकिन मैं यह साफ कर देना चाहता हूँ कि मैं ममता बनर्जी के साथ हूँ। ममता दीदी एक ‘स्ट्रीट फाइटर’ (सड़क पर संघर्ष करने वाली नेता) हैं। जब मेरा बुरा दौर था, तब वे मेरे साथ खड़ी रहीं। मैं आसनसोल से भी उन्हीं के आग्रह पर चुनाव लड़ा था। इसलिए आज जब उन पर संकट है, तो मैं उनके बुरे दिनों में उन्हें अकेला नहीं छोड़ सकता।”

​बागी सांसदों की सूची में शामिल था ‘शॉटगन’ का नाम

​शत्रुघ्न सिन्हा का यह बयान इसलिए बेहद अहम माना जा रहा है क्योंकि बुधवार को लोकसभा अध्यक्ष (स्पीकर) को अलग गुट बनाने के लिए भेजे गए पत्र में टीएमसी के जिन 19 बागी सांसदों के नाम सामने आए थे, उनमें शत्रुघ्न सिन्हा का नाम भी शामिल था।

​सिन्हा द्वारा अचानक बदले गए इस रुख और ममता के प्रति वफादारी जताने के बाद, बंगाल की राजनीति में इसके कई सियासी मायने निकाले जा रहे हैं।

​ये हैं टीएमसी के वे 19 सांसद, जिन्होंने खोला था बगावत का झंडा

​बुधवार को सामने आई टीएमसी के बागी लोकसभा सांसदों की सूची में फिल्म जगत और राजनीति के कई बड़े चेहरे शामिल हैं, जिन्होंने सामूहिक रूप से बगावत की थी। इस सूची में निम्नलिखित नाम शामिल थे:

​शत्रुघ्न सिन्हा (आसनसोल – अब ममता के साथ होने का दावा किया)

​यूसुफ पठान (बेहरामपुर)

​सयानी घोष (जादवपुर)

​रचना बनर्जी (हुगली)

​दीपक अधिकारी / देव (घाटल)

​शताब्दी रॉय (बीरभूम)

​जून मालिया (मेदिनीपुर)

​काकोली घोष दस्तीदार (बारासात)

​माला रॉय (कोलकाता दक्षिण)

​पार्थ भौमिक (बैरकपुर)

​जगदीश चंद्र बसुनिया (कूचबिहार)

​खली उर रहमान (जंगीपुर)

​अबू ताहिर खान (मुर्शिदाबाद)

​बापी हलधर (मथुरापुर)

​मिताली बाग (आरामबाग)

​कालीपद सोरेन (झालग्राम)

​अरूप चक्रवर्ती (बांकुड़ा)

​डॉ. शर्मिला सरकार (वर्धमान पूर्व)

​असित कुमार मल (बोलपुर)

​ममता बनर्जी के लिए ‘संजीवनी’ बूटी है सिन्हा का साथ

​हालिया विधानसभा चुनाव में टीएमसी की करारी हार (पार्टी सिर्फ 80 सीटों पर सिमट गई) के बाद, 58 विधायकों और 3 राज्यसभा सांसदों के इस्तीफे ने ममता बनर्जी की कमर तोड़ दी थी। ऐसे माहौल में शत्रुघ्न सिन्हा जैसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान रखने वाले कद्दावर नेता का बागी खेमे से पीछे हटना और ममता बनर्जी के प्रति वफादारी दिखाना, टूटती हुई टीएमसी के लिए एक बड़ी संजीवनी साबित हो सकता है।

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