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अमेरिका ने पहली बार समुद्र में बचाव अभियान के लिए इस्तेमाल की ड्रोन बोट, अपाचे हेलीकॉप्टर के पायलटों को सुरक्षित निकाला

अमेरिका ने पहली बार समुद्र में बचाव अभियान के लिए इस्तेमाल की ड्रोन बोट, अपाचे हेलीकॉप्टर के पायलटों को सुरक्षित निकाला

वॉशिंगटन: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच एक नई सैन्य तकनीक चर्चा का विषय बन गई है। अमेरिकी नौसेना ने पहली बार समुद्र में बचाव अभियान के लिए एक अनमैन्ड ड्रोन बोट (बिना चालक वाली नाव) का इस्तेमाल किया है। इस ड्रोन बोट की मदद से होर्मुज जलडमरूमध्य के पास दुर्घटनाग्रस्त हुए अमेरिकी अपाचे हेलीकॉप्टर के दोनों पायलटों को सुरक्षित बचाया गया।

अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, यह पहला अवसर है जब किसी व्यक्ति को समुद्र से बचाने के लिए पूरी तरह स्वायत्त (ऑटोनॉमस) सैन्य नाव का उपयोग किया गया है।

क्या है ड्रोन बोट?

इस मिशन में इस्तेमाल की गई नाव Saronic Corsair है, जो लगभग 24 फुट लंबी स्वायत्त सतही नौका (Autonomous Surface Vessel) है। यह अत्याधुनिक तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) से संचालित होती है तथा बिना किसी चालक के समुद्र में निर्धारित मिशन पूरा कर सकती है।

यह ड्रोन बोट अमेरिका की टेक्सास स्थित कंपनी Saronic Technologies द्वारा विकसित की गई है और अमेरिकी नौसेना की Task Force 59 का हिस्सा है, जो एआई आधारित समुद्री प्रणालियों और अनमैन्ड जहाजों के संचालन पर काम करती है।

ड्रोन बोट की प्रमुख क्षमताएं

लगभग 1000 पाउंड (करीब 450 किलोग्राम) तक वजन ले जाने में सक्षम।

करीब 140 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम गति।

पूरी तरह स्वायत्त संचालन क्षमता।

निगरानी, बचाव अभियान और सुरक्षा मिशनों के लिए उपयुक्त।

लंबी दूरी तक बिना चालक के संचालन करने में सक्षम।

रिपोर्टों के अनुसार, इस परियोजना के लिए कंपनी को लगभग 400 मिलियन डॉलर का अनुबंध मिला है और 2027 तक हर वर्ष 20 से अधिक ऐसे अनमैन्ड जहाज बनाने का लक्ष्य रखा गया है।

समुद्री ड्रोन की बढ़ती भूमिका

अमेरिकी नौसेना पानी की सतह और पानी के भीतर संचालित होने वाले दोनों प्रकार के अनमैन्ड सिस्टम का उपयोग करती है। इनका इस्तेमाल कई महत्वपूर्ण मिशनों में किया जाता है, जिनमें शामिल हैं:

समुद्री निगरानी (Surveillance)

दुश्मन की गतिविधियों पर नजर रखना

बारूदी सुरंगों (Mines) का पता लगाना और निष्क्रिय करना

संचार सहायता

खोज एवं बचाव अभियान

विशेष सैन्य अभियान

युद्ध के मैदान में बदलती तकनीक

हाल के वर्षों में समुद्री ड्रोन तकनीक तेजी से विकसित हुई है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य में ऐसे स्वायत्त जहाज सैन्य अभियानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। यूक्रेन-रूस संघर्ष के दौरान भी समुद्री ड्रोन के प्रभावी उपयोग ने दुनिया का ध्यान आकर्षित किया था।

होर्मुज जलडमरूमध्य के पास हुए इस बचाव अभियान ने यह दिखा दिया है कि अब ड्रोन तकनीक केवल निगरानी या हमले तक सीमित नहीं है, बल्कि आपातकालीन बचाव कार्यों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

नोट: अपाचे हेलीकॉप्टर के गिरने को लेकर अमेरिका और ईरान के दावे अलग-अलग हैं। अमेरिका का आरोप है कि हेलीकॉप्टर को ईरान ने निशाना बनाया था, जबकि ईरान इस आरोप से इनकार करता है। मामले की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हो सकी है।

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