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पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा पर फिर बढ़ा तनाव, हवाई हमलों में 13 लोगों की मौत का दावा

पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा पर फिर बढ़ा तनाव, हवाई हमलों में 13 लोगों की मौत का दावा

काबुल/इस्लामाबाद: पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव एक बार फिर गहरा गया है। अफगानिस्तान के तालिबान प्रशासन ने आरोप लगाया है कि पाकिस्तानी सेना ने देश के पूर्वी प्रांतों में हवाई हमले किए, जिनमें कम से कम 13 लोगों की मौत हो गई। मृतकों में 11 बच्चे, एक महिला और एक बुजुर्ग शामिल बताए गए हैं।

अफगान सरकार के प्रवक्ता Zabihullah Mujahid ने कहा कि पाकिस्तानी विमानों ने कुनार, खोस्त और पक्तिका प्रांतों में नागरिक घरों को निशाना बनाया। उनके अनुसार हमलों में 14 अन्य लोग घायल भी हुए हैं।

स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक खोस्त प्रांत के स्पेरा जिले में एक घर पर हुए हमले में कई लोगों की जान गई, जबकि पक्तिका के बरमल जिले में भी नागरिक हताहत हुए।

हालांकि पाकिस्तान का कहना है कि उसकी कार्रवाई का उद्देश्य आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाना था। पाकिस्तान के सूचना मंत्री ने दावा किया कि सीमा पार मौजूद उग्रवादी ठिकानों पर की गई कार्रवाई में 26 आतंकवादी मारे गए।

TTP को लेकर दोनों देशों में विवाद

पाकिस्तान लंबे समय से आरोप लगाता रहा है कि अफगानिस्तान की धरती का इस्तेमाल Tehrik-i-Taliban Pakistan (टीटीपी) जैसे समूह पाकिस्तान में हमले करने के लिए करते हैं। दूसरी ओर, अफगानिस्तान इन आरोपों को खारिज करता रहा है और पाकिस्तान पर उसकी संप्रभुता का उल्लंघन करने का आरोप लगाता है।

संघर्षविराम पर फिर मंडराया संकट

फरवरी 2026 में दोनों देशों के बीच हुई भीषण झड़पों के बाद एक नाजुक संघर्षविराम लागू किया गया था। लेकिन ताजा हवाई हमलों ने सीमा क्षेत्र में फिर से तनाव बढ़ा दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कूटनीतिक प्रयास सफल नहीं हुए, तो दोनों पड़ोसियों के बीच हालात और बिगड़ सकते हैं।

व्यापार और आवाजाही पर भी असर

सीमा पर लगातार बढ़ते तनाव का असर व्यापार और आम लोगों की आवाजाही पर भी पड़ा है। पिछले कई महीनों से सीमा के कई हिस्सों पर प्रतिबंध और बंदिशें जारी हैं, जिससे दोनों देशों के बीच आर्थिक गतिविधियां प्रभावित हुई हैं।

नोट: इस घटना को लेकर दोनों पक्षों के दावों में अंतर है। अफगानिस्तान नागरिकों के मारे जाने की बात कह रहा है, जबकि पाकिस्तान का दावा है कि उसके हमले उग्रवादी ठिकानों के खिलाफ थे। स्वतंत्र रूप से सभी दावों की पुष्टि नहीं हो सकी है।

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