उत्तराखंड

सात फेरों के लिए दुनिया की पसंद बनेगा उत्तराखंड: मसूरी में जुटे देश के दिग्गज वेडिंग प्लानर, सरकार ने तैयार किया मेगा प्लान

सात फेरों के लिए दुनिया की पसंद बनेगा उत्तराखंड: मसूरी में जुटे देश के दिग्गज वेडिंग प्लानर, सरकार ने तैयार किया मेगा प्लान

​देहरादून/मसूरी: राजस्थान के रजवाड़े और गोवा के बीच अब उत्तराखंड ‘डेस्टिनेशन वेडिंग’ की दुनिया में नया इतिहास रचने जा रहा है। त्रियुगीनारायण और रामनगर की ग्लोबल सफलता के बाद, धामी सरकार अब देवभूमि को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ‘वेडिंग हब’ बनाने के लिए कमर कस चुकी है। इसी कड़ी में मसूरी में एक हाई-प्रोफाइल नेशनल कॉन्फ्रेंस आयोजित होने जा रही है, जो राज्य के पर्यटन क्षेत्र के लिए ‘टर्निंग पॉइंट’ मानी जा रही है।

​मसूरी कॉन्फ्रेंस: धरातल पर उतरेगा विजन

​जल्द ही मसूरी में होने वाली इस कॉन्क्लेव में मुख्यमंत्री की मौजूदगी में देशभर के नामी वेडिंग प्लानर, होटल इंडस्ट्री के दिग्गज, टूरिज्म एक्सपर्ट और स्टेकहोल्डर्स एक मंच पर जुटेंगे।

​रणनीति: इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य राज्य के अनछुए लेकिन बेहद खूबसूरत पर्यटन स्थलों की पहचान करना और उन्हें वैश्विक मानकों के अनुरूप विकसित करना है।

​कुमाऊं पर भी नजर: केवल मसूरी या गढ़वाल ही नहीं, सरकार कुमाऊं क्षेत्र में भी इसी तरह की कॉन्फ्रेंस आयोजित करेगी ताकि पूरे प्रदेश में एक समान वेडिंग इंफ्रास्ट्रक्चर खड़ा किया जा सके।

​त्रियुगीनारायण और रामनगर मॉडल का होगा विस्तार

​उत्तराखंड के पास पहले से ही दो सफल उदाहरण मौजूद हैं:

​धार्मिक आस्था और वेडिंग: त्रियुगीनारायण मंदिर, जहां शिव-पार्वती के विवाह की मान्यता है, कपल्स के बीच ‘स्पिरिचुअल वेडिंग’ के लिए पहली पसंद बन चुका है।

​नेचर थीम: रामनगर के जंगल और रिवर-साइड रिजॉर्ट्स ‘फॉरेस्ट थीम’ शादियों के लिए लोकप्रिय हैं।

अब सरकार इसी मॉडल को राज्य के अन्य शांत और सुंदर इलाकों में लागू करने जा रही है।

​स्थानीय रोजगार और लोक संस्कृति को मिलेगा बढ़ावा

​पर्यटन सचिव धीराज गर्ब्याल के अनुसार, इस पहल का सबसे बड़ा लाभ स्थानीय लोगों को मिलेगा:

​रोजगार के अवसर: होटल, कैटरिंग, ट्रांसपोर्ट, इवेंट मैनेजमेंट और फूलों की सजावट जैसे क्षेत्रों में हजारों नए रोजगार पैदा होंगे।

​कल्चरल टूरिज्म: उत्तराखंड की पारंपरिक वेशभूषा, पहाड़ी खान-पान और लोक संगीत (जैसे छोलिया और झौड़ा नृत्य) को वेडिंग पैकेज का हिस्सा बनाया जाएगा। इससे राज्य की कला और संस्कृति को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलेगी।

​सस्टेनेबल मॉडल पर जोर: पर्यावरण पहली प्राथमिकता

​सरकार का स्पष्ट कहना है कि विकास के नाम पर पहाड़ों के पर्यावरण से खिलवाड़ नहीं होगा।

​”हमारा फोकस एक ऐसे ‘सस्टेनेबल टूरिज्म मॉडल’ पर है जहां अत्यधिक भीड़भाड़ और कंक्रीट के निर्माण से बचते हुए प्राकृतिक सौंदर्य को बरकरार रखा जाए। बुनियादी सुविधाओं जैसे रोड कनेक्टिविटी, डिजिटल कनेक्टिविटी और हेल्थ केयर को वेडिंग डेस्टिनेशन के इर्द-गिर्द मजबूत किया जाएगा।” — धीराज गर्ब्याल, सचिव पर्यटन

​राजस्थान और गोवा को मिलेगी कड़ी टक्कर

​विशेषज्ञों का मानना है कि उत्तराखंड की शांत वादियां और शुद्ध वातावरण इसे अन्य राज्यों से अलग बनाते हैं। जो कपल्स शोर-शराबे से दूर प्रकृति की गोद में शादी करना चाहते हैं, उनके लिए उत्तराखंड एक ‘परफेक्ट डेस्टिनेशन’ है। अगर सरकार की यह योजना सही ढंग से लागू हुई, तो आने वाले वर्षों में उत्तराखंड देश का नंबर-1 वेडिंग स्टेट बन सकता है।

​ब्यूरो रिपोर्ट, पर्यटन एवं व्यापार डेस्क

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