पटना में ‘नारी शक्ति’ का शंखनाद: 50 हजार महिलाओं का हुजूम, CM सम्राट चौधरी बोले— ‘विपक्ष को सिर्फ परिवार की चिंता, मोदी को हर बेटी की’
पटना में ‘नारी शक्ति’ का शंखनाद: 50 हजार महिलाओं का हुजूम, CM सम्राट चौधरी बोले— ‘विपक्ष को सिर्फ परिवार की चिंता, मोदी को हर बेटी की’
पटना: बिहार की राजधानी आज भगवा रंग और नारी शक्ति के बुलंद नारों से गुंजायमान रही। महिला आरक्षण बिल को लेकर विपक्ष के अड़ियल रवैये के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी (BJP) और एनडीए (NDA) के घटक दलों ने पटना के ऐतिहासिक कारगिल चौक पर ‘जन आक्रोश महिला सम्मेलन’ के जरिए अपनी ताकत दिखाई। इस विशाल प्रदर्शन में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने हुंकार भरते हुए विपक्षी गठबंधन पर जमकर प्रहार किए।
सड़कों पर उमड़ा जनसैलाब: 50 हजार महिलाओं की भागीदारी
बीजेपी का दावा है कि इस प्रदर्शन में बिहार के कोने-कोने से लगभग 50 हजार महिलाएं शामिल हुईं। पटना की सड़कों पर महिलाओं का एक लंबा मार्च निकला, जहाँ समर्थक विशेष रूप से डिजाइन की गई टी-शर्ट और बैनर लिए नजर आए। यह हुजूम महिला आरक्षण के प्रति एनडीए के अटूट संकल्प और जमीनी समर्थन का प्रतीक बनकर उभरा।
”परिवारवाद बनाम विकासवाद”: सीएम सम्राट चौधरी के तीखे बाण
मंच से जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा:
”राहुल गांधी, लालू यादव और स्टालिन जैसे नेताओं की सोच केवल अपने परिवार (पत्नी, बेटी या बहन) तक सीमित है। वे सिर्फ अपने कुनबे को सदन में देखना चाहते हैं, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लक्ष्य देश की हर साधारण और गरीब घर की बेटी को विधायक और सांसद बनाना है।”
मुख्यमंत्री ने याद दिलाया कि बिहार में पंचायती राज और नगर निकायों में 50% आरक्षण देकर महिलाओं को मुख्यधारा में लाने का काम एनडीए सरकार ने ही किया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि विपक्ष ने सही समय पर सहयोग किया होता, तो आज बिहार विधानसभा में कम से कम 122 महिलाएं नेतृत्व कर रही होतीं।
अपराधियों को चेतावनी: “पाताल से खोजकर देंगे सजा”
महिलाओं की सुरक्षा पर कड़ा रुख अपनाते हुए सीएम ने भावुक और आक्रामक अंदाज में कहा, “आपका भाई सम्राट चौधरी यहाँ खड़ा है। बिहार में कानून का राज है और जो भी हमारी बहनों के साथ अन्याय या दुस्साहस करेगा, उसे पाताल से भी खोजकर निकालकर सजा दी जाएगी।”
विपक्ष पर विधायक श्रेयसी सिंह का कड़ा प्रहार
बीजेपी विधायक श्रेयसी सिंह ने कहा कि विपक्ष की राजनीति के कारण ही महिलाएं अपने संवैधानिक हक से वंचित हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दल नहीं चाहते कि साधारण पृष्ठभूमि की महिलाएं सदन में बैठकर देश की नीतियां तय करें। वहीं, प्रदेश उपाध्यक्ष अमृता भूषण ने महिलाओं से अपने अधिकारों के लिए सजग रहने का आह्वान किया।
NDA की एकजुटता और चुनावी बिसात
इस कार्यक्रम में केवल बीजेपी ही नहीं, बल्कि JDU, HUM और LJP (R) की महिला नेत्रियों ने भी मंच साझा किया। यह एकजुटता आगामी चुनावों से पहले विपक्षी गठबंधन के लिए एक बड़ी चुनौती मानी जा रही है। प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी सहित कई दिग्गज नेताओं की मौजूदगी ने यह साफ कर दिया कि ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ आने वाले चुनाव में एनडीए का सबसे बड़ा एजेंडा होगा।
मुख्य बिंदु:
स्थान: कारगिल चौक, पटना।
दावा: 50 हजार महिलाओं की विशाल भागीदारी।
मुद्दा: महिला आरक्षण बिल और नारी शक्ति का सम्मान।
संदेश: विपक्ष की ‘परिवारवादी’ राजनीति के खिलाफ ‘महिला सशक्तिकरण’ का मोर्चा।
बिहार की राजनीति में आज का यह शक्ति प्रदर्शन यह बताने के लिए काफी है कि एनडीए ने महिला वोटर्स को साधने के लिए पूरी तरह से कमर कस ली है।
