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क्यूबा में ‘ऑपरेशन मादुरो’ की आहट? समुद्री सीमा पर 6 घंटे तक मंडराया अमेरिका का सबसे घातक ड्रोन

क्यूबा में ‘ऑपरेशन मादुरो’ की आहट? समुद्री सीमा पर 6 घंटे तक मंडराया अमेरिका का सबसे घातक ड्रोन

​हवाना/वॉशिंगटन: कैरेबियन सागर में एक बार फिर युद्ध के बादल मंडराने लगे हैं। वेनेजुएला में ‘ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व’ के तहत निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद अब अमेरिका की नजरें क्यूबा पर टिक गई हैं। ताजा रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिका का सबसे महंगा और अत्याधुनिक निगरानी ड्रोन क्यूबा के समुद्री तट के पास घंटों उड़ता देखा गया, जिससे इलाके में भारी तनाव है।

​## 6 घंटे तक ‘टार्गेट’ पर रहा क्यूबा

​रक्षा विशेषज्ञों और फ्लाइट ट्रैकर्स के अनुसार, अमेरिकी नौसेना का MQ-4C ट्राइटन (Call Sign: BLKCAT6) निगरानी ड्रोन क्यूबा के दक्षिणी तट और हवाना के पास करीब 6 घंटे तक उड़ता रहा।

​ड्रोन की खासियत: यह दुनिया के सबसे महंगे टोही ड्रोन्स में से एक है, जो समुद्र की सतह और तटों की हाई-रिमोट सेंसिंग इमेजिंग करने में सक्षम है।

​मिशन का उद्देश्य: कयास लगाए जा रहे हैं कि पेंटागन क्यूबा के सैन्य ठिकानों की टोह ले रहा है, ताकि किसी संभावित सैन्य कार्रवाई की रूपरेखा तैयार की जा सके।

​## क्या है ‘ऑपरेशन मादुरो’ का कनेक्शन?

​हाल ही में (जनवरी 2026) अमेरिकी सेना ने वेनेजुएला में घुसकर तत्कालीन राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को गिरफ्तार किया था। मादुरो पर नार्को-टेररिज्म के गंभीर आरोप हैं।

​क्यूबा पर दबाव: मादुरो की गिरफ्तारी के बाद से क्यूबा अलग-थलग पड़ गया है, क्योंकि वेनेजुएला उसका सबसे बड़ा तेल आपूर्तिकर्ता था।

​सरकार गिराने की आशंका: विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका अब क्यूबा में सत्ता परिवर्तन (Regime Change) के लिए ‘ऑपरेशन मादुरो’ जैसी ही किसी सर्जिकल स्ट्राइक या सैन्य हस्तक्षेप की योजना बना रहा है।

​## क्यूबा के राष्ट्रपति की कड़ी चेतावनी

​इस बीच, क्यूबा के राष्ट्रपति मिगुएल डियाज-कैनेल ने अमेरिकी गतिविधियों पर कड़ा ऐतराज जताया है। उन्होंने एक साक्षात्कार में कहा:

​”अमेरिका के पास क्यूबा पर हमला करने या सत्ता परिवर्तन की कोशिश करने का कोई वैध कारण नहीं है। यदि हम पर हमला हुआ, तो हम अपनी मातृभूमि की रक्षा के लिए मरते दम तक लड़ेंगे।”

​## सैन्य घेराबंदी और भविष्य की रणनीति

​अमेरिकी रक्षा मंत्रालय (पेंटागन) ने आधिकारिक तौर पर किसी ऑपरेशन की पुष्टि नहीं की है, लेकिन कैरेबियन क्षेत्र में अमेरिकी नौसेना के युद्धपोतों और F-35 लड़ाकू विमानों की बढ़ती तैनाती कुछ और ही संकेत दे रही है।

​MQ-9 रीपर की भूमिका: टोही ड्रोन्स के साथ-साथ हमलावर MQ-9 रीपर ड्रोन्स को भी प्यूर्टो रिको के बेस पर तैनात किया गया है।

​नाकेबंदी का डर: क्यूबा को डर है कि अमेरिका उसकी समुद्री घेराबंदी (Naval Blockade) कर सकता है, जिससे देश की अर्थव्यवस्था पूरी तरह ठप हो जाएगी।

​निष्कर्ष: क्या अमेरिका वेनेजुएला की तरह क्यूबा में भी कोई बड़ा ऑपरेशन करने वाला है? फिलहाल पूरा कैरेबियन क्षेत्र एक ज्वालामुखी के मुहाने पर खड़ा नजर आ रहा है।

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