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ईरान ने होर्मुज को पूरी तरह खोलने का किया ऐलान: विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने बताया कब तक रहेगा खुला

ईरान ने होर्मुज को पूरी तरह खोलने का किया ऐलान: विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने बताया कब तक रहेगा खुला

तेहरान/17 अप्रैल 2026: ईरान ने आज एक बड़ा कदम उठाते हुए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (होर्मुज जलडमरूमध्य) को सभी वाणिज्यिक जहाजों के लिए पूरी तरह खोल दिया है। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर इसकी आधिकारिक घोषणा की।

विदेश मंत्री का बयान क्या कहता है?

अब्बास अराघची ने लिखा कि लेबनान में संघर्ष विराम (ceasefire) के अनुरूप, होर्मुज जलडमरूमध्य से सभी कमर्शियल (वाणिज्यिक) जहाजों के गुजरने का मार्ग सीजफायर की शेष अवधि के लिए पूरी तरह खुला घोषित किया गया है। यह सुरक्षित मार्ग ईरान की पोर्ट्स एंड मैरीटाइम ऑर्गनाइजेशन द्वारा पहले घोषित समन्वित रूट के अनुसार होगा।

कब तक खुला रहेगा? — सीजफायर की बची हुई अवधि तक (लेबनान सीजफायर की शेष समय)। कुछ रिपोर्ट्स में इसे 10-दिवसीय या शेष ceasefire period बताया गया है।

ईरान ने भारत, चीन, रूस, इराक और पाकिस्तान जैसे मित्र देशों के जहाजों को भी सुरक्षित गुजरने की अनुमति दी है।

यह घोषणा लगभग 49 दिन (या 40 दिन, विभिन्न रिपोर्ट्स) बाद आई है, जब ईरान ने संघर्ष के दौरान होर्मुज को बंद या प्रतिबंधित कर दिया था।

ट्रंप का स्वागत, लेकिन अमेरिकी ब्लॉकेड बरकरार

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस ऐलान का स्वागत किया और कहा कि होर्मुज अब “पूरी तरह खुला और बिजनेस के लिए तैयार” है। ट्रंप ने ईरान को धन्यवाद दिया, लेकिन स्पष्ट किया कि अमेरिका का नौसैनिक ब्लॉकेड (naval blockade) ईरानी बंदरगाहों पर अभी भी पूरी तरह लागू रहेगा, जब तक स्थायी डील नहीं हो जाती।

ट्रंप ने आगे कहा कि शांति वार्ता “बहुत जल्द” पूरी हो सकती है और अगला दौर इस सप्ताहांत में हो सकता है।

तेल बाजार पर असर: कीमतें गिरीं

ईरान के इस ऐलान के बाद ब्रेंट क्रूड की कीमतें 10% से ज्यादा गिर गईं।

वैश्विक शिपिंग और ऊर्जा आपूर्ति पर राहत की उम्मीद बढ़ गई है, हालांकि अमेरिकी ब्लॉकेड के कारण पूरी स्वतंत्रता अभी नहीं मिली है।

पृष्ठभूमि

यह विकास अमेरिका-ईरान शांति वार्ता, पाकिस्तानी मध्यस्थता और लेबनान सीजफायर के बीच हुआ है। पहले अप्रैल की शुरुआत में ईरान ने दो हफ्तों के लिए होर्मुज खोलने की बात कही थी, लेकिन अब इसे पूरी तरह खुला घोषित कर दिया गया है।

नोट: स्थिति अभी भी तरल है। अमेरिकी ब्लॉकेड और परमाणु मुद्दों पर आगे की बातचीत निर्णायक होगी। भारत जैसे तेल आयातक देशों को इससे राहत मिलने की संभावना है, लेकिन पूरी स्थिरता डील पर निर्भर करेगी।

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