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सावधान: फलों और सब्जियों पर लगे स्टिकर आपकी सेहत के लिए बन सकते हैं खतरा, FSSAI ने दी चेतावनी

सावधान: फलों और सब्जियों पर लगे स्टिकर आपकी सेहत के लिए बन सकते हैं खतरा, FSSAI ने दी चेतावनी

​नई दिल्ली: फल और सब्जियां खरीदते समय अक्सर हम उन पर लगे चमकीले स्टिकर देखकर यह मान लेते हैं कि वे उच्च गुणवत्ता (Premium Quality) के हैं। लेकिन, भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने इस धारणा के खिलाफ उपभोक्ताओं को कड़ा अलर्ट जारी किया है। FSSAI के अनुसार, इन स्टिकर्स में इस्तेमाल होने वाला गोंद और स्याही स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक साबित हो सकते हैं।

​क्यों खतरनाक हैं ये स्टिकर?

​ज्यादातर मामलों में, इन स्टिकर्स को चिपकाने के लिए जिस गोंद (Adhesive) का उपयोग किया जाता है, वह खाद्य श्रेणी (Food Grade) का नहीं होता।

​हानिकारक रसायन: इन स्टिकर्स में उपयोग किए जाने वाले गोंद में ऐसे केमिकल होते हैं जो फल की त्वचा के जरिए अंदरूनी हिस्से तक पहुंच सकते हैं।

​कार्सिनोजेनिक प्रभाव: रिपोर्टों के अनुसार, इन रसायनों का लंबे समय तक सेवन स्वास्थ्य के लिए घातक हो सकता है और कुछ मामलों में यह कैंसर का कारण भी बन सकते हैं।

​धोखाधड़ी का जरिया: कई बार विक्रेता फलों के दाग-धब्बों या खराब हिस्से को छिपाने के लिए उन पर स्टिकर चिपका देते हैं, जिससे ग्राहक को फल की असली स्थिति का पता नहीं चलता।

​PLU कोड का भ्रम

​बाजार में यह अफवाह भी फैली हुई है कि स्टिकर पर लिखे PLU (Price Look-Up) कोड से फल की शुद्धता का पता चलता है (जैसे 9 से शुरू होने वाला नंबर ‘ऑर्गेनिक’ है)। हालांकि, FSSAI ने स्पष्ट किया है कि भारत में इन नंबरों का कोई आधिकारिक विनियामक आधार नहीं है और विक्रेता अक्सर ग्राहकों को भ्रमित करने के लिए फर्जी स्टिकर लगा देते हैं।

​FSSAI की गाइडलाइंस और सुरक्षा उपाय

​FSSAI ने विक्रेताओं और उपभोक्ताओं दोनों के लिए निर्देश जारी किए हैं:

​स्टिकर हटाएं और धोएं: फल खाने से पहले स्टिकर को सावधानीपूर्वक निकालें। स्टिकर वाले हिस्से को अच्छी तरह से रगड़कर धोएं या उस हिस्से के छिलके को हटा दें।

​गोंद के अवशेषों से बचें: यदि स्टिकर हटाने के बाद फल पर गोंद का निशान रह जाए, तो उसे चाकू से काटकर अलग कर देना ही बेहतर है।

​सीधे संपर्क से बचें: FSSAI ने व्यापारियों को निर्देश दिया है कि वे फलों पर सीधे स्टिकर लगाने के बजाय ‘इंक-जेट’ तकनीक या खाने योग्य स्याही का उपयोग करें, जो स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित हो।

​विशेषज्ञ की सलाह: “सिर्फ स्टिकर देखकर फल को प्रीमियम न समझें। स्थानीय और मौसमी फल खरीदना हमेशा बेहतर होता है, क्योंकि उन पर केमिकल कोटिंग और स्टिकरिंग की संभावना कम होती है।”

​निष्कर्ष: अगली बार जब आप बाजार जाएं, तो चमकते स्टिकर्स के झांसे में न आएं। अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा के लिए जागरूक बनें और फलों को हमेशा अच्छी तरह साफ करने के बाद ही सेवन करें।

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