शक्ति प्रदर्शन: ममता बनर्जी ने समर्थकों के भारी हुजूम के बीच दाखिल किया नामांकन, भवानीपुर की सड़कों पर उमड़ा जनसैलाब
शक्ति प्रदर्शन: ममता बनर्जी ने समर्थकों के भारी हुजूम के बीच दाखिल किया नामांकन, भवानीपुर की सड़कों पर उमड़ा जनसैलाब
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए सियासी पारा अपने चरम पर पहुंच गया है। आज मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) सुप्रीमो ममता बनर्जी ने अपने गढ़ भवानीपुर निर्वाचन क्षेत्र से आधिकारिक तौर पर अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। इस दौरान कोलकाता की सड़कों पर समर्थकों की ‘जबरदस्त भीड़’ और उत्साह देखने को मिला, जिसे चुनाव से पहले एक बड़े शक्ति प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है।
कालीघाट से अलीपुर तक पदयात्रा
ममता बनर्जी ने अपने कालीघाट स्थित आवास से अलीपुर स्थित सर्वे बिल्डिंग (नामांकन केंद्र) तक लगभग 800 मीटर की पदयात्रा की। इस जनसंपर्क मार्च में हजारों की संख्या में टीएमसी कार्यकर्ता और समर्थक शामिल हुए। हाथों में पार्टी के झंडे और “दीदी” के पोस्टर लिए समर्थकों ने पूरी राह को ‘हरा’ (पार्टी का रंग) कर दिया।
”भवानीपुर मेरा घर है और यहां के लोग मेरा परिवार। आज का यह जनसैलाब स्पष्ट संदेश दे रहा है कि बंगाल की जनता विकास और अखंडता के साथ है।” — ममता बनर्जी
मार्च की मुख्य विशेषताएं:
समर्थकों का रेला: भीषण गर्मी के बावजूद समर्थकों की भीड़ इतनी अधिक थी कि पुलिस को ट्रैफिक संभालने में खासी मशक्कत करनी पड़ी।
सड़क किनारे स्वागत: पैदल मार्च के दौरान ममता बनर्जी ने सड़क के दोनों ओर खड़े लोगों का हाथ जोड़कर अभिवादन स्वीकार किया। कई जगहों पर उन पर फूलों की वर्षा की गई।
स्थानीय कनेक्ट: नामांकन के बाद उन्होंने स्थानीय दुकानदारों और निवासियों से संक्षिप्त बातचीत की, जो उनके चिर-परिचित जनसंपर्क अंदाज को दर्शाता है।
विरोधियों पर साधा निशाना
नामांकन दाखिल करने के बाद मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर हमला बोला। उन्होंने मतदाता सूची से नामों के हटाए जाने (SIR प्रक्रिया) पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया। उन्होंने जनता से अपील की कि वे अपने मताधिकार का प्रयोग कर इस “अन्याय” का जवाब दें।
भवानीपुर: एक हाई-प्रोफाइल मुकाबला
भवानीपुर सीट इस बार भी चुनाव के केंद्र में है। हालांकि 2021 के उपचुनाव में ममता बनर्जी ने यहां भारी अंतर से जीत दर्ज की थी, लेकिन 2024 के लोकसभा आंकड़ों को देखते हुए विपक्षी दल भाजपा यहां कड़ी चुनौती पेश करने का दावा कर रही है। आज की भीड़ के जरिए ममता बनर्जी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वह अपनी इस पारंपरिक सीट पर किसी भी ढिलाई के मूड में नहीं हैं।
पश्चिम बंगाल में पहले चरण का मतदान 23 अप्रैल को होना है, और ममता बनर्जी का यह रोड शो कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा भरने का काम करेगा।
