फीताड़ी अग्निकांड: प्रभावित परिवारों के घावों पर मरहम लगाने पहुंचे कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा
फीताड़ी अग्निकांड: प्रभावित परिवारों के घावों पर मरहम लगाने पहुंचे कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा
उत्तरकाशी जिले के प्रभारी एवं कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा अपने तीन दिवसीय जनपद भ्रमण के दौरान मोरी ब्लॉक के फीताड़ी गांव पहुंचे। वहां उन्होंने पिछले दिनों हुए भीषण अग्निकांड से प्रभावित परिवारों से मुलाकात की और उन्हें सरकार की ओर से हर संभव सहायता का आश्वासन दिया।
प्रमुख घोषणा: ‘गोट वैली प्रोजेक्ट’ से मिलेगा सहारा
प्रभावित परिवारों की आजीविका को फिर से पटरी पर लाने के लिए मंत्री ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है:
* 14 परिवारों को लाभ: अग्निकांड से प्रभावित 14 परिवारों को सरकार के ‘गोट वैली प्रोजेक्ट’ (Goat Valley Project) से जोड़ा जाएगा।
* बकरी वितरण के निर्देश: मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिए गए हैं कि प्रभावितों को जल्द से जल्द बकरियां वितरित की जाएं ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें।
* आजीविका सुरक्षा: इस पहल का मुख्य उद्देश्य परिवारों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और उनके नुकसान की भरपाई में मदद करना है।
अग्निकांड का संक्षिप्त विवरण (23 मार्च की घटना)
बीती 23 मार्च की रात को फीताड़ी गांव में हुई इस त्रासदी ने काफी नुकसान पहुंचाया था:
* आवासीय क्षति: 8 आवासीय भवन और 6 अन्न भंडार (कोठार) पूरी तरह जलकर राख हो गए।
* पशुधन की हानि: आग की चपेट में आने से 3 गायों की दर्दनाक मृत्यु हो गई।
* तत्काल राहत: जिलाधिकारी प्रशांत आर्य के निर्देश पर SDRF, राजस्व और पुलिस टीमों ने स्थानीय लोगों के साथ मिलकर स्थिति को नियंत्रित किया था।
ग्रामीणों की मांगें और मंत्री का आश्वासन
निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों ने मंत्री के समक्ष अपनी प्रमुख समस्याएं रखीं, जिनमें शामिल हैं:
* मुआवजा और पुनर्वास: घर खो चुके परिवारों के लिए उचित मुआवजे की मांग।
* सुरक्षा उपाय: भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए गांव में अग्निशमन के पुख्ता इंतजाम।
* समाधान का भरोसा: कैबिनेट मंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार इस कठिन समय में प्रभावितों के साथ खड़ी है और सभी समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाएगा।
प्रशासनिक सक्रियता
मंत्री बहुगुणा ने प्रभावित घरों का व्यक्तिगत रूप से निरीक्षण किया और अधिकारियों को निर्देश दिए कि राहत कार्यों में किसी भी प्रकार की कोताही न बरती जाए।
निष्कर्ष: कैबिनेट मंत्री का यह दौरा न केवल पीड़ितों को मानसिक संबल प्रदान करता है, बल्कि ‘गोट वैली’ जैसी योजनाओं के माध्यम से उनके आर्थिक पुनर्वास की दिशा में भी एक ठोस कदम है।
