अतिक्रमण पर प्रहार: उधम सिंह नगर में वन भूमि पर बनी दो अवैध मजारें ध्वस्त
अतिक्रमण पर प्रहार: उधम सिंह नगर में वन भूमि पर बनी दो अवैध मजारें ध्वस्त
उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले में प्रशासन ने सरकारी भूमि को कब्ज़ा मुक्त कराने के अपने अभियान के तहत एक बड़ी कार्रवाई की है। वन विभाग और जिला प्रशासन ने संयुक्त अभियान चलाकर किच्छा और सितारगंज वन क्षेत्रों में अवैध रूप से निर्मित दो मजारों को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया।
प्रमुख बिंदु: कार्रवाई का विवरण
* संयुक्त अभियान: यह कार्रवाई आज तड़के सुबह वन विभाग और स्थानीय प्रशासन की मौजूदगी में की गई।
* प्रभावित क्षेत्र: डीएफओ (DFO) हिमांशु बागड़ी के अनुसार, ये मजारें डोला और पुलभट्टा फॉरेस्ट रेंज के अंतर्गत वन भूमि पर बिना अनुमति बनाई गई थीं।
* कानूनी प्रक्रिया: विभाग ने करीब दो महीने पहले ही संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर भूमि के दस्तावेज मांगे थे। कोई जवाब या वैध कागजात न मिलने पर नियमानुसार ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई।
* पूर्ण सफाई: कार्रवाई के बाद टीम ने मौके से सारा मलबा भी हटा दिया ताकि भविष्य में पुन: अतिक्रमण की संभावना न रहे।
प्रशासनिक दृष्टिकोण और सुरक्षा
प्रशासन ने इस पूरी प्रक्रिया में शांति व्यवस्था बनाए रखने पर विशेष जोर दिया:
* एडीएम पंकज उपाध्याय ने स्पष्ट किया कि सभी कानूनी पहलुओं को ध्यान में रखकर ही यह कदम उठाया गया है, ताकि किसी भी प्रकार का विवाद या कानून-व्यवस्था की स्थिति पैदा न हो।
* प्रशासन का यह कदम उन लोगों के लिए एक सख्त संदेश है जो सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा करने का प्रयास करते हैं।
उत्तराखंड सरकार का महाअभियान
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार सरकारी संपत्तियों, विशेषकर वन भूमि को बचाने के लिए प्रतिबद्ध है।
| विवरण | आंकड़े/जानकारी |
| अब तक हटाई गई अवैध संरचनाएं | 577 से अधिक |
| मुख्य उद्देश्य | सरकारी और वन भूमि को अतिक्रमण मुक्त करना |
| प्रशासनिक रुख | अवैध कब्जों के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ |
निष्कर्ष: उधम सिंह नगर में हुई यह कार्रवाई राज्यव्यापी ‘एंटी-अतिक्रमण अभियान’ का हिस्सा है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि धार्मिक या किसी भी अन्य बहाने से सरकारी भूमि पर किए गए अवैध निर्माण को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
