रुपये की ‘सुपर’ वापसी: डॉलर के मुकाबले 92.85 पर पहुँचा, ये हैं मजबूती की 3 बड़ी वजहें
भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए आज का दिन राहत भरा रहा। डॉलर के मुकाबले रुपया न केवल मजबूत हुआ, बल्कि यह 93 के मनोवैज्ञानिक स्तर के नीचे आ गया है। सोमवार, 6 अप्रैल 2026 को शुरुआती कारोबार में रुपया 33 पैसे की बढ़त के साथ 92.85 के स्तर पर पहुँच गया।
यहाँ इस मजबूती की 3 प्रमुख वजहें दी गई हैं:
रुपये की ‘सुपर’ वापसी: डॉलर के मुकाबले 92.85 पर पहुँचा, ये हैं मजबूती की 3 बड़ी वजहें
पिछले कुछ समय से दबाव झेल रहे भारतीय रुपये ने आज शानदार रिकवरी दिखाई है। इंटरबैंक फॉरेन एक्सचेंज मार्केट में रुपया 93.13 पर खुला था, लेकिन जल्द ही बढ़त बनाते हुए 92.85 के स्तर पर आ गया। पिछले कारोबारी सत्र (गुरुवार) को यह 93.18 पर बंद हुआ था।
मजबूती की 3 सबसे बड़ी वजहें:
1. RBI की सख्त कार्रवाई (Forex Speculation पर लगाम)
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने मुद्रा बाजार में सट्टेबाजी (Speculation) को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए हैं। RBI ने बैंकों की ‘नेट ओपन पोजिशन’ (Net Open Position) की सीमा घटाकर 100 मिलियन डॉलर कर दी है। इसके अलावा, नॉन-डिलीवरेबल फॉरवर्ड (NDF) मार्केट में भी कड़ाई की गई है। इस सख्ती की वजह से बैंकों को डॉलर बेचने पर मजबूर होना पड़ा, जिससे रुपये को सहारा मिला।
2. बैंकों द्वारा डॉलर की बिकवाली
RBI के नए नियमों के तहत बैंकों को 10 अप्रैल 2026 तक अपनी अतिरिक्त डॉलर पोजिशन को कम करना है। इस डेडलाइन के चलते बैंकों और ट्रेडर्स ने बाजार में भारी मात्रा में डॉलर की बिकवाली की। जब बाजार में डॉलर की सप्लाई बढ़ी, तो उसकी कीमत कम हुई और रुपया मजबूत हो गया।
3. डॉलर इंडेक्स में स्थिरता और सुधार
वैश्विक बाजार में डॉलर इंडेक्स (जो छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की ताकत मापता है) में बहुत अधिक उछाल नहीं देखा गया। हालांकि यह 100.17 के आसपास बना हुआ है, लेकिन भारत के घरेलू सुधारों और RBI के हस्तक्षेप ने वैश्विक दबाव को कम कर दिया है, जिससे निवेशकों का भरोसा रुपये पर बढ़ा है।
आम आदमी के लिए इसका क्या मतलब है?
* सस्ता आयात: रुपया मजबूत होने से कच्चा तेल और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे आयातित सामान सस्ते हो सकते हैं।
* महंगाई पर लगाम: डॉलर सस्ता होने से देश का इम्पोर्ट बिल कम होगा, जिससे लंबी अवधि में महंगाई को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।
* विदेश यात्रा और पढ़ाई: जो लोग विदेश जाने या वहां पढ़ाई करने की योजना बना रहे हैं, उनके लिए डॉलर खरीदना अब थोड़ा सस्ता पड़ेगा।
विशेषज्ञों की राय: फॉरेक्स एक्सपर्ट्स का मानना है कि यदि RBI की सख्ती जारी रही और वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी बढ़ोतरी नहीं हुई, तो रुपया आने वाले दिनों में 91.50 से 92.00 के स्तर तक भी जा सकता है। हालाँकि, पश्चिम एशिया में जारी तनाव (Iran-Israel Conflict) अभी भी एक बड़ा रिस्क फैक्टर बना हुआ है।
