स्टील या ग्लास: किचन की ये छोटी सी पसंद तय करती है आपकी सेहत, जानें कौन है ‘सुपरसेफ’
स्टील या ग्लास: किचन की ये छोटी सी पसंद तय करती है आपकी सेहत, जानें कौन है ‘सुपरसेफ’
अक्सर हम बाजार से बर्तन खरीदते समय उनके लुक और मजबूती पर तो ध्यान देते हैं, लेकिन यह भूल जाते हैं कि हमारे भोजन और बर्तन के बीच होने वाला ‘केमिकल रिएक्शन’ हमारी सेहत पर क्या असर डाल रहा है। किचन में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाले स्टील और ग्लास (कांच) के बर्तनों को लेकर हमेशा एक बहस छिड़ी रहती है।
आइए जानते हैं कि विज्ञान और सेहत के नजरिए से कौन सा विकल्प आपके परिवार के लिए सबसे सुरक्षित है।
1. स्टील के बर्तन: मजबूती और सुरक्षा का मेल
स्टेनलेस स्टील भारतीय रसोइयों की पहली पसंद है। इसमें मुख्य रूप से लोहा, क्रोमियम और निकेल का मिश्रण होता है।
* खूबी: स्टील एक ‘नॉन-रिएक्टिव’ धातु है। इसका मतलब है कि इसमें रखा खाना, विशेषकर खट्टी चीजें (एसिडिक फूड), धातु के साथ प्रतिक्रिया नहीं करतीं।
* सावधानी: हमेशा ‘फूड ग्रेड’ (304 या 316 ग्रेड) स्टील का ही उपयोग करें। घटिया क्वालिटी के स्टील में भारी धातुओं का मिश्रण हो सकता है जो खाने में घुलकर धीरे-धीरे शरीर में पहुंच सकती हैं।
* सबसे अच्छा उपयोग: खाना पकाने और रोटियां रखने के लिए।
2. ग्लास (कांच) के बर्तन: शुद्धता का पैमाना
विशेषज्ञ कांच को सबसे सुरक्षित मानते हैं क्योंकि यह पूरी तरह से न्यूट्रल होता है।
* खूबी: कांच के बर्तनों में छिद्र (pores) नहीं होते। इसका फायदा यह है कि इसमें पुराने खाने की गंध, दाग या बैक्टीरिया नहीं टिकते। यह रसायनों को भोजन में बिल्कुल भी नहीं छोड़ता।
* सावधानी: साधारण कांच गरम होने पर चटक सकता है। माइक्रोवेव या गरम खाना रखने के लिए हमेशा ‘बोरोसिलिकेट ग्लास’ का चुनाव करें।
* सबसे अच्छा उपयोग: खाना स्टोर करने (Leftovers), माइक्रोवेव में गरम करने और फ्रिज में रखने के लिए।
स्टील vs ग्लास: स्टोरेज के लिए कौन बेहतर?
| विशेषता | स्टेनलेस स्टील | ग्लास (कांच) |
| केमिकल लीचिंग | बहुत कम (अगर अच्छी क्वालिटी हो) | शून्य (बिल्कुल सुरक्षित) |
| रिएक्शन | खट्टे खाने से थोड़ा रिस्क हो सकता है | पूरी तरह नॉन-रिएक्टिव |
| सफाई | आसान, लेकिन खरोंच पड़ सकती है | बहुत आसान और अधिक हाइजीनिक |
| टिकाऊपन | जीवनभर चलने वाला | गिरने पर टूटने का डर |
किचन की वो ‘बड़ी गलती’ जो बन सकती है खतरा!
सबसे बड़ा खतरा बर्तनों के प्रकार से ज्यादा प्लास्टिक के इस्तेमाल में है। अगर आप गरम खाना प्लास्टिक के डिब्बों में रखते हैं, तो उसमें मौजूद BPA (Bisphenol A) जैसे खतरनाक रसायन खाने में घुलकर कैंसर, हार्मोनल असंतुलन और किडनी की बीमारियों का कारण बन सकते हैं।
प्रो टिप: अगर आप खाना लंबे समय तक स्टोर करना चाहते हैं या माइक्रोवेव का इस्तेमाल करते हैं, तो ग्लास कंटेनर ही चुनें। लेकिन अगर आप बच्चों के टिफिन या रोजाना के खाने के लिए कुछ सुरक्षित और टिकाऊ चाहते हैं, तो हाई-ग्रेड स्टेनलेस स्टील सबसे बेहतर है।
निष्कर्ष: सुरक्षा के मामले में कांच (ग्लास) नंबर वन है, लेकिन व्यावहारिकता और मजबूती में स्टील का कोई सानी नहीं है। बस प्लास्टिक से दूरी बनाएं!
