अन्तर्राष्ट्रीय

इजरायल का ईरान पर अब तक का सबसे भीषण हमला: तेहरान में सैन्य ‘कमांड सेंटर’ और मिसाइल प्लांट तबाह

इजरायल का ईरान पर अब तक का सबसे भीषण हमला: तेहरान में सैन्य ‘कमांड सेंटर’ और मिसाइल प्लांट तबाह

तेहरान/तेल अवीव: मिडिल ईस्ट में जारी महायुद्ध के बीच इजरायल ने ईरान के खिलाफ अपनी सैन्य कार्रवाई को और भी आक्रामक बना दिया है। ताजा रिपोर्ट्स के मुताबिक, इजरायली वायुसेना (IAF) ने ईरान की राजधानी तेहरान के केंद्र में स्थित कई सैन्य कमांड सेंटरों और रणनीतिक ठिकानों पर भीषण हवाई हमले किए हैं। इजरायली रक्षा बल (IDF) ने दावा किया है कि इस हमले में ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल बनाने वाले मुख्य केंद्रों को भारी नुकसान पहुंचा है।

हमले के मुख्य बिंदु:

* कमांड सेंटर निशाना: IDF के अनुसार, इजरायली लड़ाकू विमानों ने तेहरान में उन अस्थायी कमांड सेंटरों (Temporary Command Centers) को तबाह कर दिया है, जहां से ईरानी सैन्य कमांडर ऑपरेशन का संचालन कर रहे थे। इस हमले में कई शीर्ष कमांडरों के मारे जाने की भी खबर है।

* मिसाइल क्षमता पर प्रहार: हमलों का मुख्य लक्ष्य ईरान का रक्षा मंत्रालय (Ministry of Defense) और वह केंद्रीय साइट थी, जहां बैलिस्टिक मिसाइलों के लिए ‘क्रिटिकल कंपोनेंट्स’ तैयार किए जाते हैं।

* बंदरगाहों पर हमला: केवल तेहरान ही नहीं, बल्कि होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के पास स्थित ‘बंदर खमीर’ पोर्ट पर भी हमले किए गए हैं, जिसमें 5 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है।

* परमाणु और रक्षा प्रणालियां: इजरायल ने अराक (Arak) स्थित भारी जल रिएक्टर और अर्दाकन (Ardakan) के यूरेनियम संवर्धन संयंत्रों को भी निशाना बनाया है, जिससे ईरान के परमाणु कार्यक्रम को गहरा झटका लगा है।

‘ऑपरेशन रोरिंग लायन’ (Operation Roaring Lion)

अमेरिका और इजरायल ने संयुक्त रूप से इस अभियान को ‘ऑपरेशन रोरिंग लायन’ का नाम दिया है। इसका उद्देश्य ईरान की हमला करने की क्षमता को पूरी तरह से अपंग बनाना है।

* हवाई क्षेत्र पर नियंत्रण: 29 मार्च 2026 तक, इजरायल और अमेरिका ने पश्चिमी ईरान से लेकर मध्य तेहरान तक के हवाई क्षेत्र पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने का दावा किया है।

* ईरान की जवाबी कार्रवाई: हमले के बाद ईरान ने भी इजरायल पर मिसाइलों की नई लहर दागने का प्रयास किया, लेकिन इजरायल की ‘एरो’ और ‘डेविड स्लिंग’ प्रणालियों ने अधिकांश को हवा में ही नष्ट कर दिया।

ईरान की चेतावनी

ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने इस हमले को ‘कायरतापूर्ण’ करार देते हुए भारी कीमत चुकाने की चेतावनी दी है। ईरान ने धमकी दी है कि यदि अमेरिका ने सीधे तौर पर मदद बंद नहीं की, तो वह क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी युद्धपोतों (जैसे USS Abraham Lincoln) को निशाना बनाएगा।

मौजूदा स्थिति: तेहरान के आसमान में अभी भी धुआं देखा जा सकता है और कई इलाकों में बिजली गुल है। संयुक्त राष्ट्र और वैश्विक शक्तियों ने दोनों देशों से संयम बरतने की अपील की है, लेकिन युद्ध फिलहाल रुकने के आसार नहीं दिख रहे हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *