केरल में PM मोदी और चुनाव आयोग के AI वीडियो पर बवाल, पुलिस ने X प्लेटफॉर्म और यूजर हैंडल पर दर्ज किया केस
केरल में PM मोदी और चुनाव आयोग के AI वीडियो पर बवाल, पुलिस ने X प्लेटफॉर्म और यूजर हैंडल पर दर्ज किया केस
तिरुवनंतपुरम: केरल में विधानसभा चुनाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर एक AI जनरेटेड वीडियो वायरल होने से बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। केरल पुलिस के साइबर विंग ने इस भ्रामक और कथित बदनाम करने वाले वीडियो को प्रसारित करने के आरोप में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व Twitter) और एक यूजर हैंडल के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है।
वीडियो में PM मोदी और चुनाव आयोग को गलत तरीके से दिखाया गया था, जिससे मतदाताओं को गुमराह करने और चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाने की आशंका जताई जा रही है।
क्या है पूरा मामला?
वीडियो की प्रकृति: AI से बनाया गया यह वीडियो प्रधानमंत्री और मुख्य चुनाव आयुक्त के बीच कथित बातचीत दिखाता था। इसमें वोट चोरी या BJP-ECI के बीच सांठगांठ जैसे गंभीर आरोप लगाए गए थे। वीडियो में चुनाव आयोग के एक पत्र का भी इस्तेमाल किया गया, जिस पर BJP केरल यूनिट की मुहर लगी दिखाई गई।
पुलिस की कार्रवाई: बुधवार देर रात तिरुवनंतपुरम के साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज की गई। इसमें X Corp (प्लेटफॉर्म) और यूजर हैंडल Laxmi N Raju (@valiant_Raju) के अलावा अन्य अज्ञात व्यक्तियों को नामजद किया गया है।
धाराें: भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराएं 352 (शांति भंग करने वाली जानबूझकर अपमान), 336 (जालसाजी), 353 (जनता में भ्रम फैलाने वाले बयान), 3(5) (साझा इरादा) और 174 (चुनाव में अनुचित प्रभाव) के साथ IT एक्ट की धारा 66C (आइडेंटिटी थेफ्ट) लगाई गई है।
पुलिस ने कहा कि वीडियो में संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने और चुनाव को प्रभावित करने की मंशा दिखती है, इसलिए तुरंत एक्शन लिया गया। X प्लेटफॉर्म को नोटिस जारी कर कंटेंट हटाने को कहा गया है और जांच जारी है कि वीडियो किसने बनाया और किसने इसे व्यापक रूप से शेयर किया।
क्यों है यह वीडियो संवेदनशील?
केरल में विधानसभा चुनाव चल रहे हैं। ऐसे समय में AI से बने डीपफेक वीडियो मतदाताओं के मन में भ्रम पैदा कर सकते हैं और लोकतंत्र की प्रक्रिया पर असर डाल सकते हैं। चुनाव आयोग पहले भी डीपफेक कंटेंट के खिलाफ सख्ती बरतने की बात कह चुका है।
X प्लेटफॉर्म पर बढ़ता दबाव
यह केस X प्लेटफॉर्म के लिए नया सिरदर्द बन गया है। पहले भी भारत में कई राज्यों में प्लेटफॉर्म पर फेक न्यूज और भ्रामक कंटेंट को लेकर कानूनी कार्रवाई हुई है। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि X ने ऐसे कंटेंट को रोकने के लिए क्या कदम उठाए थे।
नोट: अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि वीडियो मूल रूप से किसने बनाया, लेकिन पुलिस समन्वय में पूरी चेन की जांच कर रही है।
AI और डीपफेक पर बढ़ती चिंता
हाल के महीनों में भारत में AI जनरेटेड फेक वीडियो और ऑडियो के कई मामले सामने आए हैं, जिनमें राजनीतिक नेताओं को निशाना बनाया गया। सरकार और चुनाव आयोग ने सभी पार्टियों से अपील की है कि वे ऐसे कंटेंट से दूर रहें और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को भी जिम्मेदारी निभाने को कहा गया है।
केरल पुलिस की यह कार्रवाई डीपफेक के खिलाफ सख्त रुख का संकेत देती है। जांच के नतीजे आने पर आगे की कार्रवाई तय होगी।
अगर आपको कोई संदिग्ध AI वीडियो दिखे तो उसे तुरंत रिपोर्ट करें और आधिकारिक स्रोतों से ही जानकारी की पुष्टि करें।
